नयी दिल्ली, छह अप्रैल (भाषा) दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा में सेंध लगाने के आरोपी सरबजीत सिंह के खिलाफ हत्या की कोशिश समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी।
एक सूत्र ने बताया कि सिंह का ताल्लुक उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से है।
दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा में सोमवार दोपहर उस वक्त बड़ी सेंध लग गई, जब एक नकाबपोश व्यक्ति एसयूवी लेकर परिसर की सीमा पर बने द्वार को तोड़कर जबरन अंदर घुस गया और विधानसभा अध्यक्ष की कार में एक गुलदस्ता रख दिया। बाद में आरोपी अपना वाहन लेकर वहां से निकल भी गया।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, सरबजीत एक अप्रैल को अपने घर से निकला था और घटना से पहले पांच दिनों तक उसका कुछ पता नहीं चला। इस अवधि के दौरान, उसने अपने परिवार से केवल एक बार संपर्क किया और अपनी लोकेशन या यात्रा योजनाओं के बारे में जानकारी साझा नहीं की।
सूत्र ने बताया, “वह दो अप्रैल को बरेली गया और उसके बाद सोमवार को ही दिल्ली पहुंचा।”
पुलिस का कहना है कि सिंह की सटीक मानसिक स्थिति का अब भी आकलन किया जा रहा है और पड़ताल के हिस्से के रूप में उसकी चिकित्सा जांच भी कराए जाने की संभावना है।
सूत्र ने बताया कि सरबजीत किसान आंदोलन का सक्रिय समर्थक था और उसने सोशल मीडिया पर कई पोस्ट साझा किए थे, जिनमें आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसान नेताओं के प्रति एकजुटता व्यक्त की गई थी। इनमें से कई पोस्ट और वीडियो बाद में या तो उसके द्वारा या मूल रूप से इन्हें अपलोड करने वालों द्वारा हटा दिए गए थे।
जांचकर्ता उन वीडियो की भी जांच कर रहे हैं जिनमें वह कथित तौर पर उसी एसयूवी को अत्यधिक तेज गति से चलाते हुए दिख रहा है, जो इस घटना में शामिल थी। खाली सड़कों पर वाहन की रफ्तार कथित रूप से 150 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक थी। उत्तर प्रदेश पंजीकरण नंबर वाले इस वाहन को फरवरी में खरीदा गया था।
माना जा रहा है कि सरबजीत ने अकेले ही इस काम को अंजाम दिया। उसने तेज रफ्तार एसयूवी से विधानसभा परिसर के गेट नंबर 2 को टक्कर मारी और कुछ ही सेकंड में परिसर के भीतर दाखिल हो गया। इसके बाद उसने अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता की सरकारी गाड़ी में एक गुलदस्ता और माला रखी और फरार होने से पहले वह कुछ देर कार के भीतर भी बैठा।
पुलिस ने बताया कि आरोपी ने अब तक अपने इस कृत्य के मकसद का खुलासा नहीं किया है। उसकी गतिविधि, कॉल रिकॉर्ड और ‘डिजिटल फुटप्रिंट’ का विश्लेषण किया जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह किसी व्यक्ति या समूह से प्रभावित तो नहीं था।
पूरे शहर में अलर्ट जारी होने के बाद उसे अंततः रूप नगर इलाके में एक नाले के पास पुलिस नाके से पकड़ा गया।
इस बीच, दिल्ली पुलिस ने एक बयान में कहा कि अपराह्न करीब 2.10 बजे एक सफेद टाटा सिएरा (एसयूवी) गेट नंबर 2 के जरिए दिल्ली विधानसभा परिसर में जबरन दाखिल हुई।
दिल्ली पुलिस के बयान के अनुसार, ‘एक व्यक्ति वाहन से उतरा और हाथ में गुलदस्ता और गेंदे के फूलों की माला लेकर बरामदे की ओर बढ़ा। इस समय विधानसभा का सत्र नहीं चल रहा था।’
घटना के दौरान, आरोपी ने वाहन को खतरनाक तरीके से चलाया और उसका इरादा ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को कुचलने का था, जिससे उनकी जान को खतरा पैदा हुआ। सुरक्षाकर्मियों द्वारा चुनौती दिए जाने पर व्यक्ति उसी वाहन से मौके से फरार हो गया।
बयान में कहा गया, ‘पूरी दिल्ली में तलाश शुरू की गई और शाम करीब 4.15 बजे रूप नगर इलाके में वाहन को रोक लिया गया। आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के पीलीभीत निवासी सरबजीत सिंह (37) के रूप में हुई है, जिसे दो अन्य व्यक्तियों के साथ पकड़ा गया है। सभी व्यक्तियों से वर्तमान में पूछताछ की जा रही है और आगे की जांच जारी है।’
सिविल लाइंस थाने में उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की हत्या की कोशिश, अनाधिकृत प्रवेश, अपराध को अंजाम देने की तैयारी, लोक सेवकों के खिलाफ आपराधिक बल प्रयोग, लोक सेवकों के काम में बाधा डालने व लोक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
भाषा नोमान प्रशांत
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