देहरादून, 27 जुलाई (भाषा) वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड प्रोद्यौगिकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) ने सेमेस्टर परीक्षा के कथित प्रश्नपत्र लीक करने के आरोपी एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज के गिरफ्तार सहायक प्रोफेसर डॉ. आशीष कुमार गुप्ता पर सभी शैक्षणिक कार्यों के लिए आजीवन प्रतिबंध लगा दिया है।
विश्वविद्यालय के अनुसार, सेमेस्टर परीक्षा 2025-26 के प्रश्नपत्र लीक प्रकरण में संलिप्तता के आरोप के दृष्टिगत डॉ गुप्ता को तत्काल प्रभाव से शिक्षण कार्य, पठन-पाठन, प्रश्नपत्र तैयार करने एवं सभी शैक्षणिक कार्य हेतु आजीवन प्रतिबंधित कर दिया गया है।
इससे पहले, आरोपी सहायक प्रोफेसर को विश्वविद्यालय के सभी परीक्षा संबंधी कार्यों से आगामी सात वर्षों के लिए प्रतिबंधित किया गया था तथा उसके खिलाफ पुलिस में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया था।
देहरादून के ‘शिवालिक कॉलेज आफ इंजीनियरिंग’ ने भी मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए डॉ गुप्ता को सेवा से बर्खास्त कर दिया ।
राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री धनसिंह रावत ने कहा कि कथित प्रश्नपत्र लीक की इस घटना को राज्य सरकार ने गंभीरता से लिया है, इसलिए विद्यार्थियों के हितों से खिलवाड़ करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा।
उन्होंने कहा कि मामले में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को, चाहे वह किसी भी पद पर क्यों न हो, बख्शा नहीं जाएगा।
यूटीयू ने अपनी उच्चस्तरीय जांच में प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों को सही पाए जाने के बाद पिछले सप्ताह इंजीनियरिंग के दो विषयों—’मशीन लर्निंग फॉर इंटरनेट आफ थिंग्स’ और ‘इलैक्ट्रोमेगनेटिक फील्ड थ्योरी’ की परीक्षाएं निरस्त कर दी थीं और उनकी पुनर्परीक्षाएं अगस्त के तीसरे सप्ताह में कराने का निर्णय लिया था।
आरोप है कि ‘मशीन लर्निंग फॉर इंटरनेट आफ थिंग्स’ विषय का प्रश्नपत्र बाहय पेपर सेटर के तौर पर डॉ गुप्ता ने तैयार किया था जिसके प्रश्न उन्होंने कथित तौर पर व्हाटसएप और आंतरिक पोर्टल पर कुछ छात्रों के साथ साझा कर दिए। लेकिन जांच समिति ने उनके द्वारा तैयार किए गए एक अन्य विषय ‘इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड थ्योरी’ के प्रश्नपत्र में भी इसी प्रकार की विसंगति और गोपनीयता भंग होने की आशंका के मद्देनजर उसे निरस्त करने की सिफारिश की थी ।
भाषा दीप्ति
रंजन राजकुमार
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