नयी दिल्ली, 27 जुलाई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के स्थापना दिवस पर बल के जवानों को बधाई दी और कहा कि आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने से लेकर मुश्किल हालात में नागरिकों की सेवा करने तक, इस बल के जवानों ने हमेशा देश को सबसे ऊपर रखा है।
मोदी ने कहा कि माओवाद के खतरे को खत्म करने में सीआरपीएफ के जवानों की कोशिशें विशेष तौर पर काबिले-तारीफ हैं और इनसे कई लोगों की जिंदगी में शांति और तरक्की आई है।
प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘सीआरपीएफ के सभी जवानों को उनके स्थापना दिवस पर बधाई। सीआरपीएफ ने अपनी अटूट हिम्मत और कर्तव्य के प्रति समर्पण से अपनी अलग पहचान बनाई है। आंतरिक सुरक्षा की रक्षा करने से लेकर मुश्किल हालात में नागरिकों की सेवा करने तक, सीआरपीएफ के जवानों ने हमेशा देश को सबसे ऊपर रखा है।’’
सीआरपीएफ देश का प्रमुख केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल है, जिसकी जिम्मेदारी आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने की है। इसे मूल रूप से 27 जुलाई, 1939 को ‘क्राउन रिप्रेजेंटेटिव्स पुलिस’ के तौर पर स्थापित किया गया था। सीआरपीएफ अधिनियम लागू होने के बाद, 28 दिसंबर, 1949 को इस बल को इसका मौजूदा नाम मिला।
यह दुनिया का सबसे बड़ा अर्द्धसैनिक बल है, जो भारत में कानून प्रवर्तन से जुड़े कई तरह के कर्तव्यों का निर्वहन करता है।
भाषा धीरज सुरेश
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