CG Atithi Shikshak Niyamitikaran News: छत्तीसगढ़ के अतिथि शिक्षकों की मांग पर आया शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का बयान, नियमितीकरण किए जाने को लेकर कह दी बड़ी बात

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CG Atithi Shikshak Niyamitikaran News: छत्तीसगढ़ के अतिथि शिक्षकों की मांग पर आया शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का बयान, नियमितीकरण किए जाने को लेकर कह दी बड़ी बात

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  • Publish Date - July 27, 2026 / 02:57 PM IST,
    Updated On - July 27, 2026 / 02:59 PM IST

CG Atithi Shikshak Niyamitikaran News: छत्तीसगढ़ के अतिथि शिक्षकों की मांग पर आया शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का बयान, नियमितीकरण किए जाने को लेकर कह दी बड़ी बात / Image: IBC24 News

HIGHLIGHTS
  • अतिथि शिक्षकों के हितों का ध्यान रखा जाएगा
  • अतिथि शिक्षक भर्ती परीक्षा देकर नियमित शिक्षक बन सकते हैं
  • अतिथि शिक्षकों ने हड़ताल समाप्त कर काम पर लौटने का फैसला किया

दुर्ग: CG Atithi Shikshak Niyamitikaran News छत्तीसगढ़ के शिक्षा विभाग में सेवाएं दे रहे अतिथि शिक्षकों ने हाल ही में अपनी मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया था। हालांकि अतिथि शिक्षकों 24 जुलाई को अपनी हड़ताल खत्म कर दी और ये कहा कि शिक्षा मंत्री और शिक्षा सचिव के सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद काम पर लौटने को राजी हो गए हैं। लेकिन इससे पहले अतिथि शिक्षकों शिक्षा मंत्री के सरकारी आवास सेवा सदन का घेराव करने की भी कोशिश की। इन सब के बीच शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने अतिथि शिक्षकों की मांग पर बड़ा बयान दिया है। तो चलिए जानते हैं शिक्षा मंत्री ने क्या कहा?

CG Atithi Shikshak Niyamitikaran News अतिथि शिक्षकों की मांग पर शिक्षा मंत्री का जवाब

CG Atithi Shikshak Niyamitikaran News शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि अतिथि शिक्षकों को वर्ष 2016 में ठेका पद्धति से रखा गया था, ताकि उन दुरुस्त अंचलों के विद्यार्थियों के पढ़ाई में समस्या ना आए। इन्हें कांग्रेस शासन काल में अस्थाई किया गया था, लेकिन उनके हितों का ध्यान रखते हुए जो नियम में होगा वही किया जाएगा। बिना नियम के कोई सहयोग नहीं किया जा सकता, लेकिन सरकार की सहानुभूति उनके प्रति है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि ऐसा नहीं है कि उनके पास मौका नहीं है एग्जाम देकर रेगुलर शिक्षक बन सकते हैं। वे संविदा और आत्मानंद स्कूलों में भी आवेदन कर सकते हैं। सरकार के इस जवाब के बाद अब देखने वाली बात ये होगी कि अतिथि शिक्षक अब क्या रास्ता अपनाते हैं।

क्या है अतिथि शिक्षकों की मांग

  • संविलियन की प्रक्रिया को जल्द शुरू किया जाए
  • समायोजन पर सरकार ठोस और स्पष्ट फैसला ले
  • समान कार्य के लिए समान वेतन दिया जाए
  • सेवा सुरक्षा सुनिश्चित की जाए
  • लंबे समय से काम कर रहे अतिथि शिक्षकों के लिए स्थायी नीति लागू हो
  • मानदेय में वृद्धि की जाए, वतर्मान मानदेय करीब 20 हजार रुपए है
  • आत्मानंद और विवेकानंद स्कूलों की तर्ज पर बेहतर वेतन और सुविधाएं दी जाएं

कौन होते हैं अतिथि शिक्षक

अतिथि शिक्षक (Guest Teacher) वे शैक्षणिक पेशेवर होते हैं जिन्हें किसी स्कूल, कॉलेज या शिक्षण संस्थान में नियमित या स्थायी शिक्षकों की अनुपस्थिति, रिक्ति या अतिरिक्त आवश्यकता को पूरा करने के लिए अस्थायी (अल्पकालिक) तौर पर नियुक्त किया जाता है। इन्हें मानदेय (Honorarium) या पीरियड के आधार पर भुगतान किया जाता है और इनका कार्यकाल स्थायी नहीं होता।

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शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने अतिथि शिक्षकों की मांग पर क्या कहा?

उन्होंने कहा कि सरकार अतिथि शिक्षकों के प्रति सहानुभूति रखती है, लेकिन कोई भी निर्णय नियमों के दायरे में रहकर ही लिया जाएगा।

क्या सरकार ने अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण की घोषणा की है?

नहीं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार सरकार ने नियमितीकरण की घोषणा नहीं की है। मंत्री ने कहा कि नियमानुसार जो संभव होगा, वही किया जाएगा।

अतिथि शिक्षक नियमित शिक्षक कैसे बन सकते हैं?

शिक्षा मंत्री के अनुसार अतिथि शिक्षक भर्ती परीक्षा देकर नियमित शिक्षक बनने का अवसर प्राप्त कर सकते हैं। वे संविदा और आत्मानंद स्कूलों में भी आवेदन कर सकते हैं।

अतिथि शिक्षकों की प्रमुख मांगें क्या हैं?

अतिथि शिक्षक संविलियन, समायोजन पर स्पष्ट नीति, समान कार्य के लिए समान वेतन, सेवा सुरक्षा, स्थायी नीति, मानदेय में वृद्धि और बेहतर वेतन-भत्तों की मांग कर रहे हैं।

अतिथि शिक्षक कौन होते हैं?

अतिथि शिक्षक वे शिक्षक होते हैं जिन्हें स्कूलों में नियमित शिक्षकों की कमी या अस्थायी आवश्यकता को पूरा करने के लिए सीमित अवधि के लिए नियुक्त किया जाता है और उन्हें मानदेय के आधार पर भुगतान किया जाता है।