पूर्व मुख्यमंत्री बीरेन सिंह को मणिपुर हिंसा से जोड़ने वाले ऑडियो क्लिप की फोरेंसिक जांच का आदेश

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पूर्व मुख्यमंत्री बीरेन सिंह को मणिपुर हिंसा से जोड़ने वाले ऑडियो क्लिप की फोरेंसिक जांच का आदेश

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  • Publish Date - April 30, 2026 / 08:36 PM IST,
    Updated On - April 30, 2026 / 08:36 PM IST

नयी दिल्ली, 30 अप्रैल (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को गुजरात स्थित राष्ट्रीय न्यायालयिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू) को मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह को पूर्वोत्तर राज्य में जातीय हिंसा से कथित तौर पर जोड़ने वाले एक ऑडियो क्लिप की जांच करने का निर्देश दिया।

न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने यह निर्देश तब दिया जब याचिकाकर्ता एनजीओ ‘कुकी ऑर्गेनाइजेशन फॉर ह्यूमन राइट्स ट्रस्ट’ की ओर से पेश वकील प्रशांत भूषण ने दलील दी कि वे पूरा ऑडियो क्लिप रिकॉर्ड पर रख रहे हैं, जो दो घंटे से ज्यादा लंबा है।

पीठ ने एनएफएसयू को रिकॉर्डिंग का विश्लेषण करने और उसमें मौजूद आवाज के नमूने का मिलान सिंह के स्वीकार किए गए आवाज के नमूने से करने का निर्देश दिया।

इसमें कहा गया, “याचिकाकर्ता के वकील प्रशांत भूषण का कहना है कि दो घंटे और 36 मिनट की पूरी ऑडियो क्लिप को मूल उपकरण से एक पेन ड्राइव में कॉपी किया गया है। कथित पेन ड्राइव, जो मूल की पहली प्रति है, दूसरे पक्ष को दी जाएगी, ताकि संबंधित व्यक्ति की मानी गई आवाज की रिकॉर्डिंग से मिलान के लिए एनएफएसयू को भेजा जा सके।”

शीर्ष अदालत ने गत सात जनवरी को 48 मिनट की एक ऑडियो रिकॉर्डिंग की फोरेंसिक जांच का आदेश दिया था, जिसके बारे में एनजीओ ने आरोप लगाया था कि यह मणिपुर में 2023 की जातीय हिंसा में सिंह की भूमिका की ओर इशारा करती है।

उसने निर्देश दिया था कि लीक हुए पूरे ऑडियो को फोरेंसिक जांच के लिए एनएफएसयू, गांधीनगर को भेजा जाए।

भाषा वैभव नरेश

नरेश