कर्नाटक विस में वंदे मातरम् का ऑडियो दो अंतरों के बाद बंद हुआ, भाजपा विधायकों ने पूरा संस्करण गाया

कर्नाटक विस में वंदे मातरम् का ऑडियो दो अंतरों के बाद बंद हुआ, भाजपा विधायकों ने पूरा संस्करण गाया

कर्नाटक विस में वंदे मातरम् का ऑडियो दो अंतरों के बाद बंद हुआ, भाजपा विधायकों ने पूरा संस्करण गाया
Modified Date: September 21, 2026 / 12:47 pm IST
Published Date: September 21, 2026 12:47 pm IST

बेंगलुरु, 21 सितंबर (भाषा) कर्नाटक विधानसभा और विधान परिषद में सोमवार को कार्यवाही की शुरुआत में आधिकारिक रूप से वंदे मातरम् के केवल दो अंतरे बजाए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्यों ने राष्ट्रगीत का पूरा संस्करण गाया।

कर्नाटक सरकार ने राज्य में गंभीर सूखे की स्थिति और पश्चिमी घाट पर डॉ. कस्तूरीरंगन रिपोर्ट के प्रभावों पर चर्चा के लिए विधानमंडल का तीन दिवसीय विशेष सत्र बुलाया है।

विधानसभा में सत्र की शुरुआत वंदे मातरम् से हुई, लेकिन इसका ऑडियो दो अंतरों के बाद बंद कर दिया गया।

इसके तुरंत बाद विधानसभा अध्यक्ष जी. एस. पाटिल ने प्रमुख हस्तियों के निधन पर शोक व्यक्त करने की कार्यवाही की अनुमति दी आौर मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने पूर्व विधायक आर. बी. शिरियन्नावर को श्रद्धांजलि देना शुरू किया जिनका 27 अगस्त को निधन हो गया था।

वंदेमातरम पूरा नहीं बजाए जाने से नाराज भाजपा विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी और राष्ट्रगीत का पूरा संस्करण गाना शुरू कर दिया।

इसी तरह, विधान परिषद में सभापति सलीम अहमद ने परंपरा के अनुसार संविधान की प्रस्तावना को पढ़ना शुरू कर दिया जबकि भाजपा सदस्य राष्ट्रगीत के बाकी अंतरे गाते रहे।

इसके बाद भाजपा सदस्यों ने वंदे मातरम् का पूरा संस्करण नहीं बजाए जाने को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

कर्नाटक की कांग्रेस सरकार के आदेश के अनुसार, राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या राज्यपाल की उपस्थिति वाले कार्यक्रमों को छोड़कर अन्य सभी सरकारी कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के केवल पहले दो अंतरे ही गाए या बजाए जाएंगे।

भाषा खारी सिम्मी

सिम्मी


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