बीआरएस विधायक ने अयोग्य ठहराए जाने के बाद न्यायालय का रुख किया

बीआरएस विधायक ने अयोग्य ठहराए जाने के बाद न्यायालय का रुख किया

बीआरएस विधायक ने अयोग्य ठहराए जाने के बाद न्यायालय का रुख किया
Modified Date: September 21, 2026 / 12:13 pm IST
Published Date: September 21, 2026 12:13 pm IST

नयी दिल्ली, 21 सितंबर (भाषा) भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) विधायक दानम नागेंद्र ने सत्तारूढ़ कांग्रेस में शामिल होने के बाद उन्हें अयोग्य घोषित करने के तेलंगाना उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देते हुए उच्चतम न्यायालय का रुख किया।

उच्च न्यायालय ने इस साल मार्च में विधानसभा अध्यक्ष के उस आदेश को रद्द कर दिया था जिसमें उनकी अयोग्यता के अनुरोध वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया गया था।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ को बीआरएस विधायक की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने बताया कि वह अपनी याचिका पर तत्काल सुनवाई चाहते हैं।

इस पर शीर्ष अदालत ने याचिका को तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई।

उच्च न्यायालय ने खैरताबाद से विधायक नागेंद्र को 23 अप्रैल, 2024 से तेलंगाना विधानसभा के सदस्य के तौर पर अयोग्य घोषित कर दिया था। अदालत ने कहा था कि उन्होंने 2024 में बीआरएस विधायक रहते हुए कांग्रेस के टिकट पर सिकंदराबाद लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था।

अदालत ने सदन में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता अल्लेटी महेश्वर रेड्डी और बीआरएस के पी. कौशिक रेड्डी की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।

याचिकाकर्ताओं ने विधानसभा अध्यक्ष के आदेश को रद्द करने और यह घोषित करने का अनुरोध किया था कि 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए नामांकन हलफनामा दाखिल करने की तारीख से ही नागेंद्र को संविधान की दसवीं अनुसूची के अनुच्छेद 2(1)(a) के तहत विधायक पद से अयोग्य घोषित किया जाए।

तेलंगाना विधानसभा के अध्यक्ष गद्दम प्रसाद कुमार ने 11 मार्च को दानम नागेंद्र को विधायक के तौर पर अयोग्य घोषित करने के अनुरोध वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया था।

भाषा सुरभि वैभव

वैभव


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