उच्चतम न्यायालय आवारा पशु संबंधी एनएचएआई की याचिका पर सुनवाई के लिए विशेष पीठ गठित करेगा

उच्चतम न्यायालय आवारा पशु संबंधी एनएचएआई की याचिका पर सुनवाई के लिए विशेष पीठ गठित करेगा

उच्चतम न्यायालय आवारा पशु संबंधी एनएचएआई की याचिका पर सुनवाई के लिए विशेष पीठ गठित करेगा
Modified Date: September 21, 2026 / 12:14 pm IST
Published Date: September 21, 2026 12:14 pm IST

नयी दिल्ली, 21 सितंबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की उस याचिका पर सुनवाई के लिए विशेष पीठ गठित करने पर सोमवार को सहमति जताई जिसमें देशभर में आवारा पशुओं के लिए आश्रय स्थल बनाने के लिए उसे दिए गए निर्देश को चुनौती दी गई है।

एनएचएआई की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ के समक्ष दलील दी कि न्यायमूर्ति विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली विशेष पीठ ने एनएचएआई को आश्रय स्थल बनाने का निर्देश दिया था, जबकि यह जिम्मेदारी स्थानीय निकायों और प्रशासन की है।

सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि एनएचएआई को देशभर में आवारा पशुओं के लिए आश्रय स्थल बनाने का निर्देश दिया गया है और प्राधिकरण के अनुमान के मुताबिक इसमें करीब 7,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारा पक्ष यह है कि यह काम स्थानीय जिला प्रशासन को करना चाहिए। हम इसे पूरे देश के स्तर पर नहीं कर सकते।’’

उन्होंने एनएचएआई की याचिका पर सुनवाई के लिए न्यायमूर्ति नाथ, न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति एन. वी. अंजारिया की विशेष पीठ के पुनर्गठन का भी अनुरोध किया।

सॉलिसिटर जनरल ने पीठ से कहा, ‘‘आवारा कुत्तों से जुड़ा एक मामला है। मैं एनएचएआई की ओर से एक आवेदन दाखिल कर रहा हूं।’’

उन्होंने कहा कि प्रधान न्यायाधीश के विशेष निर्देश के बिना विशेष पीठ का गठन नहीं किया जा सकता।

प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘हम पीठ का गठन करेंगे।’’

यह घटनाक्रम आवारा कुत्तों और मवेशियों के प्रबंधन के उपायों तथा विभिन्न सरकारी प्राधिकारियों की जिम्मेदारियों से जुड़े मामलों की सुनवाई के दौरान सामने आया।

भाषा खारी सिम्मी

सिम्मी


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