प्रयागराज, 23 मार्च (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने मकान के भीतर कथित तौर पर नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं देने के एक मामले की सोमवार को सुनवाई करते हुए बरेली के जिलाधिकारी (डीएम) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को 25 मार्च को उसके समक्ष पेश होने का निर्देश दिया।
यह आदेश न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की पीठ ने बरेली के तारिक खान द्वारा दायर याचिका पर पारित किया।
राज्य सरकार की ओर से सोमवार को पेश हुए अपर महाधिवक्ता अनूप त्रिवेदी ने अदालत को बताया कि अधिकारियों ने नमाज पढ़ने में कभी कोई व्यवधान उत्पन्न नहीं किया और वहां 50 लोग नियमित नमाज अदा कर रहे हैं।
इससे पूर्व, 12 फरवरी को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार के वकील को इस मामले में सरकार से जवाब हासिल करने का समय दिया था। इसी के साथ मरानाथा फुल गॉस्पेल मिनिस्ट्रीज बनाम उत्तर प्रदेश सरकार के मामले में 27 जनवरी, 2026 को पारित आदेश के लिए अदालत की अवमानना के तहत बरेली के डीएम एवं एसएसपी को नोटिस जारी किया था।
इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि प्रतिवादी अधिकारियों ने 16 फरवरी को मकान के भीतर नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं दी।
भाषा सं राजेंद्र धीरज
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