मालदा (पश्चिम बंगाल), 19 जून (भाषा) पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में अपने परिवार के चार सदस्यों की हत्या करने और उन्हें एक कमरे में दफनाने के आरोप में शनिवार को 19 वर्षीय एक युवक को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने यह जानकारी देते हुए बताया कि मामला चार महीने पहले का है।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह मामला कालियाचक थाना क्षेत्र के गुरुटोला गांव का है। पुलिस अधीक्षक आलोक राजोरिया ने बताया कि आरोपी आसिफ मोहम्मद के पिता जावेद अली (50), मां इरा बीबी (45), बहन आरिफा खातून (17) और दादी अलेक्जन बीबी (75) के शवों को निकाल कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
यह मामला शुक्रवार को उस समय सामने आया जब आरोपी के भाई आरिफ मोहम्मद (21) ने कालियाचक थाना में जाकर पुलिस को इस घटना की जानकारी दी। इस हादसे के बाद चार महीने तक आरिफ लगातार अपनी जगह बदल रहा था। आरिफ किसी तरह से बचकर भाग निकला था।
पुलिस अधीक्षक आलोक राजोरिया ने कहा, ‘‘ 28 फरवरी की रात को आसिफ ने अपने परिवार के सभी सदस्यों को कोल्ड ड्रिंक में नींद की गोलियां मिलाकर दीं, जिसे पीने के बाद सभी बेहोश हो गए। आसिफ ने सभी लोगों के मुंह पर पट्टी बांध कर चार लोगों को घर के एक जलाशय में डुबो दिया और इसके बाद शवों को एक कमरे के फर्श में दफना दिया। आसिफ के बड़े भाई आरिफ ने किसी तरह अपने मुंह पर बंधी हुई पट्टी को खोला और आसिफ से थोड़ी हाथापाई करने के बाद वहां से भाग निकला। इन चार महीनों के दौरान आरिफ कोलकाता समेत कई स्थानों पर गया।’
प्राथमिक जांच में यह पता चला है कि आरोपी आसिफ ने अपने परिवार से रुपयों की मांग की थी। उनके घर से एक टेलीविजन सेट, फोन, सीसीटीवी कैमरे और एक लैपटॉप सहित कई लाख रुपये और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स बरामद किए गए हैं। हत्या के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।
प्रखंड विकास अधिकारी (बीडीओ) मामून अख्तर ने बताया कि शिकायतकर्ता को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। बीडीओ के मुताबिक आरोपी ने अपने पड़ोसियों को बताया कि उसके पिता, मां, बहन और दादी उनके कोलकाता स्थित फ्लैट में रहने के लिए गए हुए हैं। पड़ोसियों ने बताया कि आसिफ अकेले-अकेले रहता था और लोगों से घुलता-मिलता नहीं था और न ही किसी को घर में घुसने देता था। मोहम्मद अली नामक एक पड़ोसी ने कहा, ‘‘आसिफ घर से बाहर सिर्फ ऑनलाइन फूड डिलीवरी लेने के लिए निकलता था। परिवार के सदस्यों के बारे में पूछे जाने पर वह कहता था कि वे कोलकाता गए हुए हैं।’’
भाषा रवि कांत उमा
उमा