कोलकाता, 14 जून (भाषा) पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी. वी. आनंद बोस ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर पूछा कि चुनाव के बाद हुई हिंसा के कथित पीड़ितों को पुलिस ने किस आधार पर राजभवन में प्रवेश करने से रोका, जबकि उनके कार्यालय ने इसके लिए आवश्यक अनुमति जारी की थी।
बोस ने बड़ाबाजार में माहेश्वरी भवन का भी दौरा किया और लोकसभा चुनाव के बाद राज्य में हुई हिंसा से प्रभावित लोगों से मुलाकात की।
भाजपा ने टीएमसी पर चुनाव बाद हिंसा के आरोप लगाए हैं, जिसका राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी ने खंडन किया है।
अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘राज्यपाल ने शुभेंदु अधिकारी और चुनाव बाद हुई हिंसा के पीड़ितों के प्रतिनिधिमंडल को राजभवन में प्रवेश करने और उनसे मिलने की लिखित अनुमति दी थी। इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें प्रवेश नहीं करने दिया। राज्यपाल ने आज मुख्यमंत्री को संवैधानिक निर्देश जारी करते हुए पूछा कि उन्हें क्यों रोका गया।’
उन्होंने बताया कि बैठक के दौरान बोस ने माहेश्वरी भवन में रह रहे करीब 150 लोगों से बातचीत की और उनकी शिकायतों का ब्यौरा लिया।
पुलिस ने बृहस्पतिवार को भाजपा नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी और चुनाव बाद हिंसा के कथित पीड़ितों को राज्यपाल भवन के बाहर लागू सीआरपीसी की धारा 144 का हवाला देते हुए बोस से मिलने के लिए राजभवन में प्रवेश करने से रोक दिया था।
बोस ने बनर्जी को लिखे अपने पत्र में संवैधानिक मानदंडों का भी हवाला दिया, जिसके अनुसार मुख्यमंत्रियों को राज्य के मामलों के प्रशासन व कानून के प्रस्तावों से संबंधित मंत्रिपरिषद के सभी निर्णयों के बारे में राज्यपालों को सूचित करना आवश्यक है।
भाषा जोहेब मनीषा
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