उद्योग को पुनर्जीवित करने के लिए भूमि और डेटा नीतियों पर काम कर रही है बंगाल सरकार: समिक भट्टाचार्य
उद्योग को पुनर्जीवित करने के लिए भूमि और डेटा नीतियों पर काम कर रही है बंगाल सरकार: समिक भट्टाचार्य
कोलकाता, 25 मई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने सोमवार को कहा कि नयी सरकार निवेश आकर्षित करने के लिए डेटा नीति और एक व्यापक भूमि नीति तैयार करने पर काम कर रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राज्य के लिए “कुछ असाधारण” करना चाहते हैं।
भट्टाचार्य ने ‘भारत चैंबर आफ कॉमर्स’ द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भूमि अधिग्रहण और निवेश सुविधा में सुधार की प्रतीक्षा कर रहे उद्योगों को जल्द ही नीतिगत बदलाव देखने को मिलेंगे। उन्होंने कहा, “हम निवेशकों के लिए एक नयी डेटा नीति लाएंगे। इसके लिए आपको तीन महीने इंतजार करना होगा।”
उन्होंने कहा कि डेटा नीति के तहत डेटा सेंटर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), क्लाउड सेवाओं और डिजिटल आधारभूत ढांचा जैसे क्षेत्रों के लिए नियामक और निवेश ढांचा तैयार किया जाएगा, साथ ही डेटा प्रबंधन, भंडारण और सुरक्षा के लिए दिशानिर्देश तय किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित नीति से पश्चिम बंगाल में डेटा सेंटर, एआई और अन्य उभरते तकनीकी क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
केंद्र सरकार द्वारा राज्य पर विशेष ध्यान दिये जाने को रेखांकित करते हुए भट्टाचार्य ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, स्वामी विवेकानंद और श्री अरविंदो की पवित्र भूमि पर कुछ असाधारण करना चाहते हैं।”
उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार की भूमि अधिग्रहण नीति ने राज्य में औद्योगिक विकास को गंभीर रूप से प्रभावित किया। भट्टाचार्य ने कहा, “हमारे पास कोई व्यापक भूमि नीति नहीं थी। ममता बनर्जी ने कहा था कि सरकार उद्योगों के लिए जमीन अधिगृहीत नहीं कर सकती और कंपनियों को सीधे जमीन खरीदनी होगी, लेकिन 82 प्रतिशत भूमि छोटे-छोटे टुकड़ों में बंटी है, जिससे उद्योगों के लिए जमीन खरीदना व्यावहारिक नहीं है।”
उन्होंने कहा कि सरकार भूमि सीमा नीति में भी बदलाव की योजना बना रही है और आने वाले महीनों में इसके परिणाम दिखेंगे। उन्होंने कहा, “व्यापार समुदाय की सुरक्षा के लिए नए कानून बनाए जाएंगे।”
पार्टी और सरकार के बीच अंतर को रेखांकित करने की कोशिश करते हुए भट्टाचार्य ने कहा कि भाजपा राज्य में बहुमत के साथ सत्ता में आई है, लेकिन अब यह पश्चिम बंगाल की सरकार है, भाजपा की नहीं।
उन्होंने कहा, “सरकार मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और उनके मंत्रिमंडल द्वारा चलाई जा रही है। हम (भाजपा) केवल सुझाव दे सकते हैं।”
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य से वर्षों में उद्योगों का पलायन हुआ है। उन्होंने दावा किया कि 6,300 कंपनियां कोलकाता से बाहर गईं, 1,016 कंपनियों का परिसमापन हो गया और लगभग 79,000 छोटे और मध्यम उद्यम बंद हो गए।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड नए निवेश गंतव्य बन रहे हैं और बंगाल की वैश्विक छवि खराब है। उन्होंने उद्योगपतियों से राज्य में निवेश करने का आग्रह किया।
अशोकनगर ऑयल फील्ड परियोजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम माइनिंग लीज मंजूरी और भूमि अधिग्रहण प्रक्रियाएं लंबित रहीं।
उन्होंने यह भी दावा किया कि मैंगनीज अयस्क खनन कंपनी ‘एमओआईएल’ जैसी कंपनियों के पत्रों का भी पहले की सरकार ने जवाब नहीं दिया।
भट्टाचार्य ने यह भी कहा कि राज्य सरकार महंगाई भत्ते के भुगतान और सामाजिक कल्याण योजनाओं को जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है और केंद्रीय वित्त मंत्री ने राज्य को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है।
भाषा अमित सुरेश
सुरेश

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