पंजाब पुलिस एसआईटी ने 2015 के बहिबल कलां पुलिस गोलीकांड मामले में सुखबीर बादल को समन भेजा

पंजाब पुलिस एसआईटी ने 2015 के बहिबल कलां पुलिस गोलीकांड मामले में सुखबीर बादल को समन भेजा

पंजाब पुलिस एसआईटी ने 2015 के बहिबल कलां पुलिस गोलीकांड मामले में सुखबीर बादल को समन भेजा
Modified Date: July 16, 2026 / 09:02 pm IST
Published Date: July 16, 2026 9:02 pm IST

चंडीगढ़, 16 जुलाई (भाषा) पंजाब पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने 2015 के बहिबल कलां पुलिस गोलीकांड मामले की जांच के सिलसिले में शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को 20 जुलाई को पेश होने के लिए तलब किया है। आधिकारिक सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

यह घटनाक्रम भाजपा नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला को इसी मामले में तलब किए जाने के कुछ दिन बाद सामने आया है।

बादल ने समन पर प्रतिक्रिया देते हुए आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर नाटक रचने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, ‘‘पिछले 10 वर्षों से बेअदबी के मुद्दे पर राजनीति की जा रही है। अब जबकि चुनाव नजदीक आ रहे हैं, आप सरकार ने फिर से नाटक शुरू कर दिया है।’’

बादल ने कहा कि वह पहले भी जांच में शामिल हो चुके हैं और जब भी उन्हें बुलाया जाएगा, जांच में सहयोग करेंगे।

जून 2015 में फरीदकोट जिले के बुर्ज जवाहर सिंह वाला गांव स्थित गुरुद्वारे से गुरु ग्रंथ साहिब की एक ‘बीड़’ (पवित्र ग्रंथ की प्रति) चोरी हो गयी थी। इसके बाद उसी गांव और जिले के बरगाड़ी गांव में गुरु ग्रंथ साहिब के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा वाले हस्तलिखित पोस्टर मिले थे।

बाद में बरगाड़ी गांव स्थित गुरुद्वारे के बाहर गुरु ग्रंथ साहिब के फटे हुए पन्ने बिखरे मिले।

इन घटनाओं के बाद फरीदकोट में बेअदबी के विरुद्ध व्यापक प्रदर्शन शुरू हो गए। पुलिस ने 14 अक्टूबर 2015 को प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की, जिसमें बहिबल कलां में गुरजीत सिंह और कृष्ण भगवान सिंह की मौत हो गई, जबकि कोटकपुरा में कई लोग घायल हो गए।

उस समय पंजाब में शिरोमणि अकाली दल की सरकार थी। प्रकाश सिंह बादल मुख्यमंत्री और उनके पुत्र सुखबीर सिंह बादल उपमुख्यमंत्री थे।

सूत्रों के अनुसार, विशेष जांच दल (एसआईटी) अक्टूबर 2015 में पुलिस कार्रवाई से पहले की घटनाओं के क्रम की जांच कर रहा है।

सूत्रों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई से पहले शिअद के तत्कालीन विधायक मंतर बराड़ ने तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, तत्कालीन गृह मंत्री सुखबीर सिंह बादल और तत्कालीन पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से बातचीत की थी।

सूत्रों के अनुसार, प्रकाश सिंह बादल के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) ने बताया था कि प्रदर्शनकारियों को हटाने का आदेश रात के समय दिया गया था।

भाजपा नेता विजय सांपला सात जुलाई को एसआईटी के समक्ष पेश हुए थे और उन्होंने कहा था कि उन्हें मामले के तथ्यों और परिस्थितियों की जानकारी है।

गोलीबारी की घटना के समय सांपला केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री थे।

भाषा

राखी सुरेश

सुरेश


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