रांची में 17वीं सदी के जगन्नाथ मंदिर में रथ यात्रा उत्सव, भारी संख्या में शामिल हुए श्रद्धालु

रांची में 17वीं सदी के जगन्नाथ मंदिर में रथ यात्रा उत्सव, भारी संख्या में शामिल हुए श्रद्धालु

रांची में 17वीं सदी के जगन्नाथ मंदिर में रथ यात्रा उत्सव, भारी संख्या में शामिल हुए श्रद्धालु
Modified Date: July 16, 2026 / 09:08 pm IST
Published Date: July 16, 2026 9:08 pm IST

रांची, 16 जुलाई (भाषा) झारखंड की राजधानी रांची में 17वीं शताब्दी के ऐतिहासिक जगन्नाथ मंदिर में बृहस्पतिवार को वार्षिक रथ यात्रा उत्सव के अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच भगवान के रथों को खींचा।

रथों का यह जुलूस जगन्नाथ मंदिर से करीब एक किलोमीटर दूर स्थित एक अन्य मंदिर में संपन्न हुआ। अगले नौ दिनों तक भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और भगवान बलभद्र की मूर्तियां इसी मंदिर में रहेंगी।

राज्य के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी इस उत्सव में शामिल हुए और पूजा-अर्चना की। इनके अलावा रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी और ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

सोरेन ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि वे साल भर इस उत्सव का इंतजार करते हैं।

उन्होंने कहा कि रांची में महाप्रभु की इस ऐतिहासिक रथ यात्रा में भाग लेना बड़े सौभाग्य की बात है।

इससे पहले, राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने बृहस्पतिवार को रथ यात्रा के अवसर पर राज्य के लोगों को बधाई दी।

राज्यपाल गंगवार ने कहा कि वह भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र व देवी सुभद्रा से सभी के सुख, शांति, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करते हैं।

मुख्यमंत्री सोरेन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘श्री जगन्नाथ रथ यात्रा के पावन अवसर पर सभी श्रद्धालुओं और राज्यवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं व नमन।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ यह पवित्र रथ यात्रा हम सभी को सेवा, सद्भाव, आस्था और मानवता के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती रहे, यही मेरी हार्दिक कामना है।’’

अधिकारियों ने बताया कि रथ यात्रा और उससे जुड़े आयोजनों के मद्देनजर राज्यभर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।

अधिकारियों के अनुसार, रांची के धुर्वा में रथ यात्रा और मेले को लेकर व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए।

उन्होंने बताया कि करीब 4,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई और इसके अलावा सीसीटीवी कैमरों व ड्रोन के माध्यम से भी निगरानी की गई।

भाषा प्रचेता अविनाश

अविनाश


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