बंगाल : इंद्रनील खान के मंत्री बनने पर परिवार में जश्न का माहौल

बंगाल : इंद्रनील खान के मंत्री बनने पर परिवार में जश्न का माहौल

बंगाल : इंद्रनील खान के मंत्री बनने पर परिवार में जश्न का माहौल
Modified Date: June 1, 2026 / 07:53 pm IST
Published Date: June 1, 2026 7:53 pm IST

(तस्वीर के साथ)

कोलकाता, एक जून (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक डॉ. इंद्रनील खान ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में शपथ ली और इसे लेकर उनके परिवार में जश्न का माहौल है।

खान ने हाल में हुए विधानसभा चुनाव में बेहाला पश्चिम सीट से 24,699 मतों के अंतर से जीत दर्ज की थी। वह एक ऐसे परिवार से आते हैं जहां पीढ़ियों से चिकित्सा एक विरासत की तरह रही है।

कोलकाता के लोकभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह के गवाह रहे उनके पिता डॉ. सीके खान ने कहा कि उन्हें हमेशा से विश्वास था कि उनका बेटा अपने लिए एक विशिष्ट पहचान बनाएगा।

उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में कहा, ‘‘मुझे पता था कि वह जीवन में कुछ अच्छा करेगा। बचपन से ही उसमें कुछ अलग बात थी।’’

अपने बेटे के राजनीति के प्रति शुरुआती झुकाव को याद करते हुए, डॉ. सीके खान ने कहा कि परिवार में कोई राजनीतिक पृष्ठभूमि नहीं थी।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे जीवन में राजनीति का कोई स्थान नहीं था। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद, मैंने रोगियों का इलाज करने पर अधिक ध्यान केंद्रित किया। सेवानिवृत्त होने से पहले मैं बाटा अस्पताल से जुड़ा रहा और फिर राज्य स्वास्थ्य विभाग में शामिल हो गया। उसके बाद मैंने अंशकालिक आधार पर ब्रिटानिया में काम करना शुरू किया।’’

डॉ.सीके खान ने बताया लेकिन कॉलेज के दिनों में उनके बेटे के लिए राजनीति एक जुनून बन गई।

उन्होंने कहा, ‘‘मेरा बेटा राजनीति के प्रति बहुत उत्साही रहा है। उसे अच्छी तरह पता था कि वह क्या कर रहा है। उसमें किसी भी काम में गहराई से उतरने का एक अनोखा जज्बा है।’’

डॉ.सीके खान से जब पूछा गया कि क्या उन्होंने भी पश्चिम बंगाल के राजनीतिक परिदृश्य में बदलाव की कामना की थी, तो उन्होंने कहा, ‘‘जो सबने देखा, वही मैंने भी महसूस किया। आम लोगों के लिए जो भयावह स्थिति बन गई थी, उसे बदलने की आवश्यकता थी।’’

खान की मां दीपाली के लिए, सोमवार का घटनाक्रम खुशी और आश्चर्य का मिला-जुला क्षण था।

उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘मुझे कुछ उम्मीद थी, लेकिन यह अप्रत्याशित था। स्वाभाविक रूप से, मैं आज बहुत खुश हूं।’’

दीपाली ने कहा, ‘‘ वह पढ़ाई में बहुत अच्छा था और उसने संयुक्त प्रवेश परीक्षा में भी अच्छा प्रदर्शन किया था। जब उसने राजनीति में कदम रखा तो मुझे थोड़ी चिंता हुई, मुझे लगा कि इससे उसके डॉक्टरी पेशे पर असर पड़ सकता है। लेकिन उसने बड़ी कुशलता से संतुलन बनाए रखा। वह बहुत मेहनती है, इसीलिए आज वह इतना सफल है।’’

इंद्रनील की बड़ी बहन देबरावती अमदंगा में संयुक्त बीडीओ के पद पर तैनात हैं।

देबरावती ने कहा, ‘‘भाई बचपन से ही बहुत होशियार रहा है। न सिर्फ पढ़ाई में बल्कि हर चीज में। वह अपने स्कूल में शीर्ष स्थान प्राप्त करता रहा है। उसने मेडिकल और इंजीनियरिंग दोनों प्रवेश परीक्षाएं उत्तीर्ण की और भौतिकी में लगभग 99 प्रतिशत अंक प्राप्त किए।’’

उन्होंने कहा कि दोनों क्षेत्रों के लिए अर्हता प्राप्त करने के बावजूद, उसने चिकित्सा को चुना, जिससे डॉक्टरों की पारिवारिक परंपरा जारी रही।

खान ने शपथ ग्रहण के बाद संवाददाताओं से कहा कि वह मंत्रिमंडल में शामिल किये जाने को राज्य की जनता के प्रति एक बड़ी जिम्मेदारी के रूप में देखते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पश्चिम बंगाल की आम जनता के प्रति बहुत बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। भाजपा को यह जीत दिलाने के लिए हम जनता के आभारी हैं।’’

भाषा धीरज अविनाश

अविनाश


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