श्रीनगर, 17 सितंबर (भाषा) पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने बृहस्पतिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर असुरक्षित महसूस करने का आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र में सत्तारूढ़ दल अब देश में मुस्लिम समुदाय की शब्दावली पर भी निगरानी रख रहा है।
महबूबा ने पश्चिम बंगाल के खड़गपुर में तैनात भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) की अधिकारी बुशरा बानो के मामले का जिक्र किया।
बुशरा बानो को पदभार संभालने के करीब ढाई महीने बाद ही एएसपी पद से हटा दिया गया था।
मुफ्ती ने आरोप लगाया कि एक वीडियो में मुस्लिम अभिवादन का इस्तेमाल करने को लेकर आईपीएस अधिकारी का तबादला किया गया।
महबूबा ने कहा कि ऐसे मामले अब अल्पसंख्यक समुदाय को हैरान नहीं करते। जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “बुशरा बानो का ‘अस्सलाम वालेकुम’, ‘इंशाअल्लाह’, ‘जजांकअल्लाह’ कहने के लिए तबादला किया जाना और इसके बाद पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री (शुभेंदु अधिकारी) द्वारा चुनाव को मुसलमानों की निष्ठा की ‘परीक्षा’ बताना, जो पूरे समुदाय के लिए परोक्ष धमकी है, अब हमें हैरान नहीं करता।”
उन्होंने कहा कि यह हैरानी की बात है कि शांति और ईश्वर के आशीर्वाद का भाव व्यक्त करने वाले सामान्य शब्दों से एक बड़ा राजनीतिक दल असहज हो गया। महबूबा ने कहा, “हैरानी की बात यह है कि तीन साधारण शब्द- ‘शांति आपके साथ हो’, ‘ईश्वर की इच्छा से’ और ‘ईश्वर का शुक्रिया’ इतने बड़े व शक्तिशाली राजनीतिक दल को कथित तौर पर असहज कर सकते हैं।”
उन्होंने कहा, “पहले हमारे खान-पान, कपड़ों और विवाह पर नजर रखी जा रही थी, अब हमारी शब्दावली व वोटों पर भी पहरा लगाया जा रहा है। भाजपा का दूसरा नाम असुरक्षा है।”
भाषा जितेंद्र रंजन
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