तिरुवनंतपुरम, 17 सितंबर (भाषा) इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के नेता एवं स्थानीय स्वशासन मंत्री के. एम. शाजी ने पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, उनकी बेटी टी. वीणा और दामाद पी. ए. मोहम्मद रियास के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच को सही ठहराया।
शाजी कहा कि जिन लोगों के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है, वे जांच एजेंसी के आने पर निश्चिंत रह सकते हैं और कॉफी का आनन्द ले सकते हैं।
एक टेलीविजन चैनल से बातचीत में शाजी ने सवाल किया कि जो लोग अब केंद्र सरकार, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बारे में बात कर रहे हैं, उन्होंने उस समय क्या कहा था ‘‘जब जांच एजेंसी मेरे घर पहुंची थी।’’
मंत्री ने कहा कि उस समय उनमें से कई लोगों ने टेलीविजन स्टूडियो से बयान दिए थे।
शाजी वर्षों पहले अपने खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत दर्ज ईडी के मामले का जिक्र कर रहे थे। उन पर अझीकोड स्थित एक स्कूल को 2014 में 12वीं तक की मान्यता देने की एवज में 25 लाख रुपये की रिश्वत लेने आरोप था।
शाजी ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि चाहे ईडी हो या सीबीआई, कोई भी आए, अगर छिपाने के लिए कुछ नहीं है तो व्यक्ति पूरी तरह निश्चिंत रह सकता है, कॉफी का आनन्द ले सकता है और घर के भीतर तलाशी चलने के दौरान बाहर खड़ा रह सकता है।’’
आईयूएमएल नेता ने किसी का नाम लिए बिना कहा कि जिन लोगों के वित्तीय लेन-देन साफ हैं, उन्हें केंद्रीय जांच एजेंसियों से डरने की कोई जरूरत नहीं।
ईडी ने हाल ही में राज्य पुलिस प्रमुख को पत्र लिखकर विजयन, वीणा, रियास, माकपा के एक विधायक और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ पीएमएलए के तहत अपनी जांच तथा तलाशी के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध किया था।
केंद्रीय एजेंसी ने आरोप लगाया कि कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) ने ‘‘आईटी परामर्श सेवाओं’’ के बहाने वीणा की कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस (अब बंद हो चुकी) को 2.78 करोड़ रुपये का फर्जी भुगतान किया था।
भाषा खारी संतोष
संतोष