बंगाल : मालदा ‘घेराव’ मामले की जांच कर रही एनआईए टीम ने घटनास्थल की वीडियोग्राफी की

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बंगाल : मालदा ‘घेराव’ मामले की जांच कर रही एनआईए टीम ने घटनास्थल की वीडियोग्राफी की

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  • Publish Date - April 4, 2026 / 09:45 PM IST,
    Updated On - April 4, 2026 / 09:45 PM IST

कोलकाता, चार अप्रैल (भाषा) पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कवायद में शामिल सात न्यायिक अधिकारियों के घेराव की जांच कर रही एनआईए अधिकारियों की एक टीम ने शनिवार को मालदा के मोथाबारी में अपने दौरे के दूसरे दिन घटना स्थल की वीडियोग्राफी की।

उच्चतम न्यायालय के निर्देश के बाद निर्वाचन आयोग ने राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) को बुधवार की घटना की जांच का जिम्मा सौंपा है।

न्यायालय ने इस मुद्दे पर पश्चिम बंगाल प्रशासन की आलोचना की है।

जिले के एक अधिकारी ने बताया कि संघीय जांच एजेंसी की 24 सदस्यीय टीम ने मोथाबारी बीडीओ कार्यालय और उसके बाहर के उस स्थान की वीडियोग्राफी की, जहां भीड़ जमा थी और न्यायिक अधिकारियों का घेराव किया गया था।

एनआईए के एक सूत्र ने बताया कि संघीय जांच एजेंसी की टीम जल्द ही इस घटना के ‘‘मुख्य षड्यंत्रकारी’’ से पूछताछ करेगी।

इस मामले में एआईएमआईएम के एक नेता को शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उसे मालदा के कालियाचक इलाके में बुधवार को हुए ‘घेराव’ का ‘‘मुख्य षड्यंत्रकारी’’ बताया है।

सूत्रों के अनुसार, एनआईए की टीम मालदा शहर के विभिन्न होटलों में ठहरे सात न्यायिक अधिकारियों से भी घटना के बारे में उनका पक्ष जानने के लिए बात करेगी।

इस मामले में अब तक कुल 19 मामले दर्ज किए गए हैं और 35 गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं।

बुधवार सुबह अशांति उस समय शुरू हुई, जब मोथाबाड़ी, सुजापुर और आसपास के इलाकों के निवासियों ने एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से कथित रूप से नाम हटाए जाने के विरोध में एनएच-12 को अवरुद्ध कर दिया।

विरोध-प्रदर्शन तेज होने पर, पुनरीक्षण प्रक्रिया में संलग्न सात न्यायिक अधिकारियों को शाम करीब चार बजे से आधी रात तक कालियाचक-द्वितीय प्रखंड कार्यालय में बंद कर दिया गया। पुलिस द्वारा भीड़ को तितर-बितर करने के बाद ही वे जा सके।

भाषा

शफीक दिलीप

दिलीप