कोलकाता, 13 मई (भाषा) पश्चिम बंगाल पुलिस ने अपनी जिला इकाइयों को 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसक घटनाओं से संबंधित सभी लंबित व बंद मामलों की समीक्षा करने और चूक पाने पर पुनः जांच शुरू करने का निर्देश जारी किया है। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
आदेश में विभिन्न जिलों में अवैध पशु बाजारों, बूचड़खानों और अवैध खनन गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का भी आह्वान किया गया।
पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक (कानून और व्यवस्था) ने सभी पुलिस आयुक्तों, पुलिस अधीक्षकों व बल के वरिष्ठ अधिकारियों को ‘प्रभावी पुलिसिंग सुनिश्चित करने और सुशासन के लिए अनुकूल वातावरण बनाने’ का आदेश दिया।
मंगलवार को जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि 2021 में विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा की घटनाओं से संबंधित प्रस्तुत अंतिम रिपोर्टों की ‘गहन समीक्षा’ की जानी चाहिए और जांच में कोई चूक पाए जाने पर मामले की जांच पुनः शुरू की जानी चाहिए।
विज्ञप्ति के मुताबिक, “प्रारंभिक जांच में संज्ञेय अपराध पाए जाने पर नए मामले दर्ज किए जाएंगे।”
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि 2021 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान और उसके बाद हुई हिंसा से संबंधित सभी शिकायतों की, जहां आवश्यक हो, नए सिरे से जांच की जाए।
अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “जिला पुलिस प्रमुखों को इस प्रक्रिया की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने और ऐसे मामलों में जांच व मुकदमे की कार्यवाही की नियमित रूप से निगरानी करने के लिए कहा गया है।”
आदेश में थानों को 15 मई तक विभिन्न मामलों में जब्त किए गए सभी हथियारों और गोला-बारूद का सत्यापन करने का भी निर्देश दिया गया है।
पुलिस अधिकारियों को 16 मई से अवैध हथियारों, गोला-बारूद और विस्फोटकों को जब्त करने के लिए विशेष अभियान चलाने तथा अगले दो सप्ताह तक प्रतिदिन आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) को रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।
आदेश के मुताबिक, “यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि खनन एवं पशु व्यापार से संबंधित लाइसेंस प्राप्त और कानूनी गतिविधियां स्थानीय बदमाशों या जबरन वसूली करने वालों के हस्तक्षेप के बिना सुचारू रूप से संचालित हों।”
भाषा जितेंद्र वैभव
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