बंगाल: मतदाता सूची से नाम हटाने को लेकर सात न्यायिक अधिकारियों का घंटों तक घेराव

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बंगाल: मतदाता सूची से नाम हटाने को लेकर सात न्यायिक अधिकारियों का घंटों तक घेराव

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  • Publish Date - April 2, 2026 / 12:46 AM IST,
    Updated On - April 2, 2026 / 12:46 AM IST

कोलकाता, एक अप्रैल (भाषा) पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के विरोध में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में जुटे सात न्यायिक अधिकारियों का कई घंटों तक घेराव किया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि विरोध प्रदर्शन सुबह कालियाचक दो ब्लॉक विकास कार्यालय के बाहर शुरू हुआ और देर रात तक जारी रहा।

अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने पहले न्यायिक अधिकारियों से मुलाकात की मांग की और प्रवेश नहीं दिये जाने पर उन्होंने शाम करीब चार बजे प्रदर्शन शुरू किया और कार्यालय परिसर का घेराव किया।

अधिकारियों ने बताया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान कार्यालय के अंदर फंसे व्यक्तियों में तीन महिला न्यायिक अधिकारी भी शामिल थीं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “हमने अधिकारियों को सतर्क कर दिया है। जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक को तत्काल घटनास्थल पर पहुंचने का निर्देश दिया गया है।”

वहीं जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, उनके पास विधानसभा चुनाव के पहले चरण में मतदान करने के लिए छह दिन से भी कम समय बचा है। ऐसे में आयोग को विशेष रूप से गठित न्यायाधिकरणों की स्थापना में नई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

आयोग के एक विश्वसनीय सूत्र ने बताया कि ऐसे मतदाताओं के लिए न्यायाधिकरण ही मामलों के निपटारे का अंतिम उपाय हैं।

अधिकारी ने बताया कि बुनियादी ढांचे की कमी के कारण न्यायाधिकरण बृहस्पतिवार को काम शुरू नहीं कर पाएंगे और इससे मामलों के निपटारे में देरी हो सकती है, जिनमें लाखों नाम जुड़े हैं।

आयोग ने निपटारा प्रक्रिया शुरू करने के लिए बृहस्पतिवार का दिन निर्धारित किया था।

उन्होंने बताया कि न्यायाधिकरणों में नियुक्त कुछ सेवानिवृत्त न्यायाधीशों ने भी ड्यूटी से छूट मांगी है, जिससे सुनवाई शुरू होने में और देरी होगी।

भाषा जितेंद्र अमित

अमित