PM Modi CCS Meeting : पश्चिम एशिया संकट के बीच पीएम मोदी ने ली हाई-लेवल मीटिंग, एलपीजी से लेकर खाद आपूर्ति तक इन अहम मुद्दों पर हुई चर्चा, जानिए बैठक की बड़ी बातें

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नई दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया संकट के बीच ढाई घंटे लंबी बैठक की। बैठक में युद्ध के प्रभाव से आम नागरिक, किसान और व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की योजना बनाई गई।

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  • Publish Date - April 1, 2026 / 11:57 PM IST,
    Updated On - April 1, 2026 / 11:59 PM IST

PM Modi CCS Meeting / Image Source : FILE

HIGHLIGHTS
  • पीएम मोदी की महत्वपूर्ण बैठक में रक्षा, गृह और वित्त मंत्री समेत कई दिग्गज शामिल।
  • युद्ध के दौरान भी जरूरी चीजों की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए कंट्रोल रूम बनाए गए।
  • किसानों, आम नागरिक और व्यापारियों के लिए खाद, बिजली और ईंधन की पर्याप्त व्यवस्था।

नई दिल्ली : PM Modi CCS Meeting दुनिया भर में गहराते पश्चिम एशिया संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आवास पर एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक की। लगभग ढाई घंटे तक चली इस बैठक में युद्ध के कारण पैदा होने वाली चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि विदेशी जंग का असर भारत के आम नागरिक, किसान और व्यापारियों पर न पड़े। इस मीटिंग में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण समेत सरकार के कई दिग्गज शामिल हुए।

कंट्रोल रूम रखेंगे कीमतों पर नजर रखेंगे

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने साफ निर्देश दिए कि युद्ध की स्थिति में भी देश के भीतर जरूरी चीजों की कमी नहीं होनी चाहिए। सरकार ने खेती, खाद (फर्टिलाइजर), बिजली और ईंधन की सप्लाई को लेकर एक मजबूत योजना तैयार की है। जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए राज्यों के साथ मिलकर विशेष कंट्रोल रूम बनाए गए हैं, जो हर समय कीमतों पर नजर रखेंगे। किसानों के लिए राहत की बात यह है कि आने वाले फसल सीजन के लिए खाद का पर्याप्त इंतजाम किया जा रहा है। PM Modi News इसके अलावा, देश में कोयले का भारी स्टॉक मौजूद है, जिससे बिजली की सप्लाई में कोई रुकावट नहीं आएगी। सरकार पेट्रोल, डीजल और गैस की सप्लाई को सामान्य रखने के लिए भी दूसरे देशों से लगातार संपर्क में है।

जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई

पीएम मोदी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि युद्ध के बहाने जरूरी चीजों की कीमतों में उछाल नहीं आना चाहिए। Middle East Tension जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) के साथ मिलकर कंट्रोल रूम बनाए गए हैं, जो ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम’ को कड़ाई से लागू करेंगे। पीएम मोदी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि युद्ध के बहाने जरूरी चीजों की कीमतों में उछाल नहीं आना चाहिए। जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) के साथ मिलकर कंट्रोल रूम बनाए गए हैं, जो ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम’ को कड़ाई से लागू करेंगे।

देश में कोयले का पर्याप्त स्टॉक

किसानों को संकट से बचाने के लिए यूरिया के उत्पादन को स्थिर रखने और DAP/NPKS की सप्लाई के लिए विदेशी सप्लायर्स के साथ तालमेल बिठाने पर चर्चा हुई। पीएम ने खरीफ और रबी सीजन के लिए खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने का आकलन किया। ऊर्जा क्षेत्र की स्थिरता के लिए LPG और LNG के सप्लाई स्रोतों में विविधता (Diversification) लाने और फ्यूल ड्यूटी में संभावित कमी पर विचार हुआ। बैठक में राहत की बात यह रही कि देश में कोयले का पर्याप्त स्टॉक है, जिससे बिजली संकट का खतरा नहीं है।

 

आम आदमी को नहीं होनी चाहिए आर्थिक तंगी

प्रधानमंत्री मोदी ने इस चुनौतीपूर्ण समय में सरकार के सभी विभागों को मिलकर काम करने का निर्देश दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नागरिकों को किसी भी तरह की अफवाहों से बचाने के लिए सही जानकारी समय पर पहुंचाई जानी चाहिए। सरकार का पूरा ध्यान इस बात पर है कि वैश्विक उथल-पुथल के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी रहे और आम आदमी को किसी भी तरह की आर्थिक तंगी या महंगाई का सामना न करना पड़े।

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