शह मात The Big Debate: बस्तर पर कांग्रेस का बवाल, विकास पैकेज का क्या है हाल? नक्सल मुक्ति के बाद क्या है आगे की तैयारी? विपक्ष के बवाल पर भाजपा का पलटवार

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Chhattisgarh Politics News: 31 मार्च 2026 नक्सल हिंसा से मुक्ति की डेडलाइन के बाद अब बस्तर में दोगुनी गति से विकास की बारी है।

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  • Publish Date - April 1, 2026 / 11:56 PM IST,
    Updated On - April 1, 2026 / 11:56 PM IST

Chhattisgarh Politics News/Image Credit: IBC24.in

HIGHLIGHTS
  • नक्सल हिंसा से मुक्ति की डेडलाइन के बाद अब बस्तर में दोगुनी गति से विकास की बारी है।
  • केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने किया था कि, कि वो बस्तर को 2030 तक देश का सबसे विकसित संभाग बनाएंगे।
  • पूर्व CM भूपेश बघेल ने इसी पर सवाल उठाते हुए सरकार से सवाल पूछा है।

Chhattisgarh Politics News: रायपुर: 31 मार्च 2026 नक्सल हिंसा से मुक्ति की डेडलाइन के बाद अब बस्तर में दोगुनी गति से विकास की बारी है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बस्तर पंडुम 2026 के मंच से ऐलान किया था कि, नक्सल मुक्ति के बाद सरकार का लक्ष्य है कि वो बस्तर को 2030 तक देश का सबसे विकसित संभाग बनाएंगे। वैसे इस पर काम शुरू हो चुका है, नक्सलवाद ख़ात्मे के लिए केंद्र-राज्य रणनीति में शामिल रही विकास योजनाओं में से एक है ‘एलवद पंचायत योजना’…जिसके तहत नक्सल मुक्त घोषित ग्राम पंचायतों को सरकार विकास कार्यों के लिए 1 करोड़ रुपया देगी। (Chhattisgarh Politics News) पूर्व CM भूपेश बघेल ने इसी पर सवाल उठाते हुए सरकार से पूछा है कि अब जबकि बस्तर से नक्सल ख़ात्मे का ऐलान हो चुका है कि तो फिर बस्तर की सभी पंचायतों को एक-एक करोड़ रुपया की राशि कब दी जाएगी? पूर्व PCC चीफ मोहन मरकाम ने तंज कसते हुए भाजपा सरकार को घोषणा वीर कहा।

इधर, विपक्ष के वार पर सत्तासीन बीजेपी ने तगड़ा पलटवार किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कहा है भाजपा जो वादा करती है उसे पूरा करती है। विपक्ष चिंता ना करे, बस्तर संभाग के ज़िलों के लिए विकास फंड और विकास का रोड मैप दोनों तैयार है।

ये तो तय है कि 4 दशकों से हिंसा, भय और पिछडेपन का शिकार रहे बस्तर को विकास की दौड़ के लिए चौतरफा, (Chhattisgarh Politics News)  सुनियोजित विकास की जुरूरत है। अब सरकार की सबसे बड़ी चुनौती यही है कि बस्तर को योजनाओं के लाभ से जोड़कर, 2030 तक सबसे विकसित बस्तर का वादा पूरा किया जाए। सवाल है क्या इसकी शुरूआत ‘एलवद पंचायत योजना’ के जरिए पंचायतों को 1-1 करोड़ की राशि देने के साथ होगी?

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