बेनीवाल ने राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में धार्मिक स्थलों को ‘तोड़ने’ का विषय लोकसभा में उठाया

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बेनीवाल ने राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में धार्मिक स्थलों को ‘तोड़ने’ का विषय लोकसभा में उठाया

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  • Publish Date - August 11, 2026 / 06:36 PM IST,
    Updated On - August 11, 2026 / 06:36 PM IST

नयी दिल्ली, 11 अगस्त (भाषा) राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (रालोपा) के अध्यक्ष हनुमान बेनीवाल ने राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों, विशेषकर बाड़मेर जिले में धार्मिक स्थलों को कथित तौर पर तोड़े जाने का मामला मंगलवार को लोकसभा में उठाया और सरकार से आग्रह किया कि ऐसे मामलों में विधिसम्मत प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।

नागौर से लोकसभा सदस्य बेनीवाल ने नियम 377 के तहत यह मुद्दा उठाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का ध्यान इस ओर आकर्षित किया और दावा किया कि बाड़मेर सहित सीमावर्ती क्षेत्रों में बिना पर्याप्त संवाद और सहमति के मुस्लिम समुदाय के धार्मिक स्थलों को कथित रूप से क्षति पहुंचाई गई तथा कुछ आवासीय परिसरों को भी तोड़ा गया।

उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, लेकिन संविधान प्रत्येक नागरिक को अपने धर्म का पालन करने और धार्मिक स्थलों के सम्मान का अधिकार देता है।’’

बेनीवाल ने कहा कि किसी धार्मिक स्थल से जुड़ा कानूनी विवाद, प्रशासनिक आवश्यकता या सुरक्षा संबंधी मामला होने पर उसका समाधान कानून में निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही किया जाना चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्याप्त कानूनी प्रक्रिया और संवाद के बिना धार्मिक स्थलों को तोड़े जाने से स्थानीय लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं तथा शासन-प्रशासन के प्रति लोगों में रोष है।

लोकसभा सदस्य ने बाड़मेर जिले में हाल में हुई ऐसी घटनाओं का उल्लेख करते हुए जामा मस्जिद सियाई, जामा मस्जिद मेकन का पार, जामा मस्जिद केरकोरी, जामा मस्जिद रामपुरा (दहेवा), दरगाह सैयद गुल मोहम्मद शाह और भलगांव-बाखासर सहित अन्य स्थानों पर मस्जिदों को कथित रूप से तोड़े जाने का जिक्र किया।

उन्होंने मांग की कि भविष्य में धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में विधिसम्मत प्रक्रिया, पारदर्शिता और संवेदनशीलता का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाए।

बेनीवाल ने यह भी कहा, ‘‘जहां-जहां ऐसे धार्मिक स्थलों को तोड़े जाने की घटनाएं हुई हैं, वहां केंद्र की टीम भेजकर स्थिति का जायजा लिया जाना चाहिए और धार्मिक स्थलों के सम्मान को बनाए रखा जाना चाहिए।’’

भाषा हक हक वैभव

वैभव