Bhagwant Mann Akat Takht Vivad: नए संकट में पंजाब के CM भगवंत मान.. अकाल तख्त ने घोषित किया ‘गुरु दोखी’ और खालसा पंथ का विरोधी.. विधायकों समेत पूरे कैबिनेट को पेश होने का आदेश

Ads

Bhagwant Mann Akat Takht Vivad: अकाल तख्त ने भगवंत मान को गुरु दोखी घोषित किया, विवादित वीडियो और नए कानून पर उठाए सवाल।

  •  
  • Publish Date - June 15, 2026 / 09:48 PM IST,
    Updated On - June 15, 2026 / 09:48 PM IST

Bhagwant Mann Akat Takht Vivad || AI Generated File

HIGHLIGHTS
  • अकाल तख्त ने भगवंत मान को ‘गुरु दोखी’ घोषित किया।
  • विवादित वीडियो को फोरेंसिक जांच में बताया गया असली।
  • 29 जून को सिख विधायकों और मंत्रियों को तलब।

अमृतसर: सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था अकाल तख्त ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। सोमवार को अकाल तख्त की ओर से उन्हें ‘गुरु दोखी’ और ‘खालसा पंथ विरोधी’ घोषित किया गया। (Bhagwant Mann Akat Takht Vivad) यह फैसला एक विवादित वीडियो को लेकर लिया गया है, जिसे लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है।

लैब से पुष्टि, वीडियो AI जनरेटेड नहीं

अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह ने अमृतसर में ‘पांच सिंह साहिबान’ की बैठक के बाद यह फैसला सुनाया। उन्होंने दावा किया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की दो फोरेंसिक लैब में जांच कराई गई, जिसमें वीडियो को असली बताया गया। उनके अनुसार जांच में यह भी सामने आया कि वीडियो से कोई छेड़छाड़ नहीं की गई और न ही वह एआई से बनाया गया था।

जत्थेदार ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जनवरी में अकाल तख्त के समक्ष पेश होकर वीडियो को फर्जी और एआई जनरेटेड बताया था। (Bhagwant Mann Akat Takht Vivad) उन्होंने कहा कि अकाल तख्त सचिवालय ने इस मामले में मुख्यमंत्री को पत्र भी भेजा था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।

29 जून को विधायकों, मंत्रिमंडल को पेश होने का आदेश

दरअसल पूरा मामला जनवरी में तब शुरू हुआ था, जब अकाल तख्त ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को कुछ वीडियो क्लिप और ‘गुरु की गोलक’ संबंधी टिप्पणियों को लेकर तलब किया था। उस समय मान ने अकाल तख्त के समक्ष पेश होकर वीडियो को फर्जी बताया था और किसी भी लैब से जांच कराने की बात कही थी।

इस बीच अकाल तख्त ने पंजाब विधानसभा द्वारा पारित जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026 को लेकर भी आपत्ति जताई है। इसी संबंध में सभी सिख विधायकों और पंजाब मंत्रिमंडल को 29 जून को अकाल तख्त के समक्ष उपस्थित होने के लिए कहा गया है।

गुरु ग्रंथ साहिब के अपमान पर आजीवन कारावास

उधर, आम आदमी पार्टी ने अकाल तख्त के फैसले पर सवाल उठाए हैं। पार्टी के पंजाब मीडिया प्रभारी Baltej Singh Pannu ने कहा कि फोरेंसिक रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति कौन है। (Bhagwant Mann Akat Takht Vivad) उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस मामले को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। गौरतलब है कि पंजाब विधानसभा ने 13 अप्रैल 2026 को सर्वसम्मति से यह कानून पारित किया था, जिसमें गुरु ग्रंथ साहिब के अपमान के मामलों में आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान किया गया है।

इन्हें भी पढ़ें:-

नॉर्वे की ‘क्राउन प्रिंसेज’ के सबसे बड़े बेटे को बलात्कार के मामले में चार वर्ष कैद की सजा

अनिल अग्रवाल ने वेदांता रिसोर्सेज को विदेशी बाजार में दोबारा सूचीबद्ध करने के संकेत दिए

रिकॉर्ड स्तर के करीब समुद्री तापमान, अल नीनो की वापसी से मछलियों और प्रवाल भित्तियों पर संकट

सूर्यांश और विपराज के अर्धशतक से भारत ए ने श्रीलंका ए को 266 रन का लक्ष्य दिया

किसानों को जेवर हवाईअड्डे से किस्मत बदलने का भरोसा दिलाया, फैसला लेने के लिए एक घंटा दिया : योगी

 

Q1. अकाल तख्त ने भगवंत मान के खिलाफ क्या फैसला सुनाया?

उत्तर: अकाल तख्त ने उन्हें ‘गुरु दोखी’ और ‘खालसा पंथ विरोधी’ घोषित किया है।

Q2. यह विवाद किस मुद्दे को लेकर शुरू हुआ था?

उत्तर: कथित विवादित वीडियो और ‘गुरु की गोलक’ संबंधी टिप्पणियों को लेकर विवाद शुरू हुआ था।

Q3. 29 जून को किसे अकाल तख्त के समक्ष उपस्थित होने को कहा गया है?

उत्तर: सभी सिख विधायकों और पंजाब मंत्रिमंडल के सदस्यों को उपस्थित होने के लिए कहा गया है।

शीर्ष 5 समाचार