भगवंत मान मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दें: ‘अकाली दल वारिस पंजाब दे’ के नेता

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भगवंत मान मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दें: ‘अकाली दल वारिस पंजाब दे’ के नेता

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  • Publish Date - June 26, 2026 / 09:08 PM IST,
    Updated On - June 26, 2026 / 09:08 PM IST

चंडीगढ़, 26 जून (भाषा) ‘अकाली दल वारिस पंजाब दे’ के एक नेता ने विवादित वीडियो को लेकर शुक्रवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से इस्तीफ़े की मांग की और उनसे सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था अकाल तख्त के सामने पेश होने को कहा।

‘अकाली दल वारिस पंजाब दे’ के नेता मनप्रीत सिंह अयाली ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘अकाल तख्त के ‘हुक्मनामे’ को सभी को मानना ​​चाहिए, चाहे वह राज्य सरकार हो या किसी भी पद पर बैठा कोई व्यक्ति।’’

उन्होंने कहा कि अकाल तख्त से जुड़े मामलों में कोई ‘अगर-मगर’ नहीं होना चाहिए और अकाल तख्त की सर्वोच्चता हमेशा बनी रहनी चाहिए।

मान से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, ‘‘हम उनके इस्तीफे की मांग करते हैं।’’

अयाली ने कहा कि उन्हें एक विनम्र सिख के तौर पर अकाल तख्त के सामने पेश होना चाहिए।

एक कथित आपत्तिजनक वीडियो को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। अकाल तख्त ने 15 जून को मान के खिलाफ़ एक आदेश जारी कर उन्हें ‘गुरु द्रोही’ और ‘खालसा पंथ विरोधी’ घोषित कर दिया था।

यह आदेश अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज के इस दावे के बाद आया कि दो फोरेंसिक प्रयोगशालाओं ने उस वीडियो को ‘असली’ पाया है। इस वीडियो में कथित तौर पर मान जैसा दिखने वाले एक व्यक्ति नजर आ रहा है।

यह मामला तब शुरू हुआ जब अकाल तख्त ने इस साल जनवरी में मान को तलब किया। कथित वीडियो क्लिप में मान ने ‘गुरु की गोलक’ (गुरुद्वारे का दान-पात्र) के बारे में टिप्पणी की थी और वह सिख गुरुओं एवं मारे गए उग्रवादी जरनैल सिंह भिंडरांवाले की तस्वीरों के साथ ‘आपत्तिजनक गतिविधियों’ में शामिल नजर आ रहे हैं।

हालांकि, मान का दावा है कि क्लिप में जो व्यक्ति दिख रहा था, उसने उनके चेहरे जैसा दिखने वाला मास्क पहना हुआ था और वीडियो में वह (मान) नहीं हैं।

बागी अकाली विधायक अयाली ने कहा कि वह 29 जून को एक विनम्र सिख के तौर पर अकाल तख्त के सामने पेश होंगे और दूसरे विधायकों से भी अपील करेंगे कि वे श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता बनाए रखने के लिए ऐसा ही करें।

अकाल तख्त ने बेअदबी-रोधी कानून के मामले में सभी सिख विधायकों (चाहे वे किसी भी पार्टी के हों) और पंजाब मंत्रिमंडल को 29 जून को अकाल तख्त के सामने पेश होने के लिए बुलाया है।

भाषा

राजकुमार अविनाश

अविनाश