अलप्पुझा (केरल), सात जून (भाषा) केरल में अंबालापुझा से संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) समर्थित निर्दलीय विधायक और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के पूर्व नेता जी. सुधाकरन ने रविवार को विपक्ष के नेता पिनराई विजयन पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि सदन में सरकार का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने में वामपक्ष पूरी तरह विफल रहा है।
सुधाकरन अपने विधायक कार्यालय के उद्घाटन के अवसर पर आयोजित एक समारोह को संबोधित कर रहे थे।
माकपा नेता के तौर पर पूर्व मंत्री और कई बार विधायक रह चुके सुधाकरन ने जिला नेतृत्व द्वारा दरकिनार किए जाने का आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़ दी थी। बाद में उन्होंने यूडीएफ के समर्थन से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में विधानसभा चुनाव लड़ा और अंबालापुझा से जीत हासिल की।
राज्य की वित्तीय स्थिति पर मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन के हालिया भाषण का जिक्र करते हुए सुधाकरन ने कहा कि विपक्ष विधानसभा में अपना रुख बनाए रखने में नाकाम रहा।
उन्होंने कहा, ‘‘विधानसभा में सतीशन का एक भाषण हुआ था, जिसमें उन्होंने पिछली वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (एलडीएफ) की सरकार से विरासत में मिली वित्तीय स्थिति की आलोचना की थी, लेकिन विपक्ष की ओर से अपने बचाव में एक शब्द भी नहीं बोला गया।’
सुधाकरन के अनुसार, वामपंथ का एक मजबूत राजनीतिक और वैचारिक रुख है, लेकिन वर्तमान में विपक्ष में कोई भी ऐसा नेता नहीं है, जो इसे स्पष्ट रूप से सामने रख सके और इसका बचाव कर सके।
उन्होंने कहा, ‘‘विपक्ष में से किसी को खड़े होकर जवाब देना चाहिए था, लेकिन ऐसा करने वाला वहां कोई नहीं था।’
विजयन की चुप्पी पर तंज कसते हुए सुधाकरन ने कहा कि पूरी बहस के दौरान विपक्ष के नेता पूरी तरह निष्क्रिय रहे।
उन्होंने दावा किया, ‘कामरेड पिनराई वहां भीगी बिल्ली की तरह बैठे रहे। वह बिना कोई जवाब दिए चुपचाप बैठे रहे। के. एन. बालगोपाल भी बोलना नहीं जानते। यह एक दयनीय दृश्य था।’
भाषा
सुमित नरेश सुरेश
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