आईआईटी मद्रास के एआई आधारित सड़क सुरक्षा हैकाथॉन में शामिल हुए बिम्सटेक देश
आईआईटी मद्रास के एआई आधारित सड़क सुरक्षा हैकाथॉन में शामिल हुए बिम्सटेक देश
चेन्नई, 31 जुलाई (भाषा) भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास के सड़क सुरक्षा उत्कृष्टता केंद्र ने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय हैकाथॉन आयोजित किया।
आईआईटी मद्रास ने शुक्रवार को जारी एक विज्ञप्ति में कहा कि केंद्र ने इसके तहत बंगाल की खाड़ी बहु-क्षेत्रीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग पहल (बिम्सटेक) के लिए एक विशेष श्रेणी शुरू की। इसमें भारत के साथ-साथ बांग्लादेश, भूटान, म्यांमा, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड के विद्यार्थी, इंजीनियर, शोधकर्ता और विशेषज्ञ शामिल हुए।
इसका उद्देश्य ‘ग्लोबल साउथ’ के लिए सबसे बड़ा हैकाथॉन आयोजित करना था। ‘ग्लोबल साउथ’ से तात्पर्य मुख्य रूप से विकासशील, अल्प विकसित और कम आय वाले देशों के समूह से है। इसमें एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के देश शामिल हैं।
इस आयोजन के जरिये आईआईटी मद्रास ने सड़क सुरक्षा जैसी साझा एवं गंभीर समस्या के समाधान के लिए सरकारों, क्षेत्रीय संगठनों और शैक्षणिक संस्थानों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया। इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को सहयोग का साझा माध्यम बनाया गया।
‘बिम्सटेक एआई सड़क सुरक्षा हैकाथॉन 2026’ सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के तत्वावधान में आईआईटी मद्रास परिसर में ‘सड़क सुरक्षा में एआई’ विषय पर आयोजित किया गया।
इस पहल की घोषणा आईआईटी मद्रास के सड़क सुरक्षा उत्कृष्टता केंद्र ने फरवरी 2026 में दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ में की थी।
बिम्सटेक क्षेत्र में करीब 1.8 अरब लोग रहते हैं और यहां हर वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में लगभग दो लाख लोगों की मौत होती है। इससे पूरे क्षेत्र में सड़क सुरक्षा मजबूत करने के लिए आंकड़ों और प्रौद्योगिकी पर आधारित समाधान विकसित करने की तत्काल आवश्यकता रेखांकित होती है।
आईआईटी मद्रास के निदेशक वी. कामकोटि ने हैकाथॉन के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘सड़क सुरक्षा उत्कृष्टता केंद्र के माध्यम से हमारा संस्थान भारत और दुनिया की सबसे गंभीर चुनौतियों में से एक से निपटने के लिए अनुसंधान, प्रौद्योगिकी और नीति को एक साथ लाने में सफल रहा है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘बिम्सटेक के सात देशों के युवाओं को एक मंच पर लाने वाला एआई सड़क सुरक्षा हैकाथॉन सहयोग की उस भावना को दर्शाता है, जिसके लिए आईआईटी मद्रास जाना जाता है।’’
भाषा सिम्मी नरेश
नरेश

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