बीजद ने ओडिशा में आदिवासी महिलाओं के खिलाफ अत्याचारों में जनजाति आयोग के हस्तक्षेप की मांग की

बीजद ने ओडिशा में आदिवासी महिलाओं के खिलाफ अत्याचारों में जनजाति आयोग के हस्तक्षेप की मांग की

बीजद ने ओडिशा में आदिवासी महिलाओं के खिलाफ अत्याचारों में जनजाति आयोग के हस्तक्षेप की मांग की
Modified Date: March 19, 2026 / 07:02 pm IST
Published Date: March 19, 2026 7:02 pm IST

भुवनेश्वर, 19 मार्च (भाषा) बीजू जनता दल (बीजद) ने ओडिशा के मयूरभंज जिले में एक लड़की के साथ कथित छेड़छाड़ और राज्य में आदिवासी महिलाओं के खिलाफ अत्याचारों का स्वतः संज्ञान लेने का राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी) से बृहस्पतिवार को आग्रह किया।

आयोग को सौंपे एक ज्ञापन में बीजद ने राज्य भर में आदिवासी महिलाओं और नाबालिग लड़कियों के उत्पीड़न की ‘बढ़ती घटनाओं’ पर चिंता व्यक्त की और कई जिलों में पुलिस की निष्क्रियता और प्रशासनिक लापरवाही का आरोप लगाया।

पार्टी ने मयूरभंज जिले के तिरिंग थाना क्षेत्र में 12 मार्च को हुई एक घटना का जिक्र किया, जहां 14-वर्षीय एक आदिवासी लड़की के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ की गई, जिससे स्थानीय आदिवासी समुदायों में व्यापक आक्रोश फैल गया।

बीजद ने पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पीड़ित लोगों को बलपूर्वक तितर-बितर कर दिया गया।

पार्टी नेता प्रियब्रत मांझी ने आयोग को ज्ञापन सौंपा।

उन्होंने दावा किया कि रायगड़ा, मयूरभंज, कंधमाल, कोरापुट और सुंदरगढ़ जैसे जिलों से भी इसी तरह के मामले सामने आए हैं, जो आदिवासी समुदायों की सुरक्षा, न्याय और संरक्षण सुनिश्चित करने में व्यवस्थागत खामियों को दर्शाते हैं।

पार्टी ने इस बात पर जोर दिया कि मौजूदा स्थिति ने आदिवासी समुदायों में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। उसने न्याय व्यवस्था में विश्वास बहाल करने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।

भाषा अविनाश सुरेश

सुरेश


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