नयी दिल्ली, दस अगस्त (भाषा) भाजपा के तरुण चुघ ने पंजाब में मादक पदार्थ के कथित बढ़ते जाल और कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए सोमवार को राज्यसभा में दावा किया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में लंबे समय से नशे का बड़ा नेटवर्क सक्रिय है, जिसकी वजह से बड़ी संख्या में युवा इसकी चपेट में आ रहे हैं।
उच्च सदन में शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए चुघ ने कहा कि नशे की समस्या ने पंजाब की सामाजिक व्यवस्था और कानून व्यवस्था को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है और सरकार इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण करने में विफल रही है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 की अपराध रिपोर्ट में मादक पदार्थों से जुड़े कई मामलों का उल्लेख किया गया है। उन्होंने दावा किया कि एक ही वर्ष में मादक पदार्थ से जुड़े छह से सात बड़े प्रकरण सामने आए। उन्होंने कहा कि पंजाब में नशे के कारण लोगों की जान जा रही है और इस साल भी ऐसे कई मामले सामने आए हैं।
भाजपा सदस्य ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार न तो अपराध पर अंकुश लगा पा रही है और न ही नशे के नेटवर्क को खत्म करने के लिए प्रभावी कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती राज्य होने के कारण पंजाब को विशेष चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
चुघ ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिए हथियार और मादक पदार्थ भेजे जा रहे हैं, जिससे राज्य की सुरक्षा के लिए खतरा बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि पंजाब के कई शहरों और गांवों में युवा नशे की समस्या से जूझ रहे हैं और बड़ी संख्या में परिवार इससे प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने राज्य में बढ़ती हिंसक घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पंजाब में पुलिस थानों को भी निशाना बनाया गया है। उन्होंने दावा किया कि कई पुलिस थानों को निशाना बना कर धमाके हुए हैं और एक थाने पर रॉकेट लॉन्चर से हमला तक किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की जिम्मेदारी कानून व्यवस्था बनाए रखना है, लेकिन मौजूदा स्थिति से लगता है कि सरकार इस मोर्चे पर असफल रही है।
पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार है और राज्य में अगले साल के शुरू में विधानसभा चुनाव होने हैं।
भाषा मनीषा माधव
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