‘राष्ट्र प्रथम’ भावना विकसित करने में शिक्षकों की भूमिका पर मुर्मू के संदेश की भाजपा ने की सराहना

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'राष्ट्र प्रथम' भावना विकसित करने में शिक्षकों की भूमिका पर मुर्मू के संदेश की भाजपा ने की सराहना

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  • Publish Date - September 5, 2026 / 09:42 PM IST,
    Updated On - September 5, 2026 / 09:42 PM IST

नयी दिल्ली, पांच सितंबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संदेश की सराहना करते हुए कहा कि यह जिम्मेदार नागरिकों के निर्माण एवं विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और ‘‘राष्ट्र प्रथम’’ की भावना विकसित करने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता है।

शिक्षक दिवस के अवसर पर लिखे एक लेख में मुर्मू ने कहा कि विद्यार्थियों को अच्छा व्यक्ति बनाना शिक्षक का पावन कर्तव्य है।

उन्होंने कहा कि नैतिकता के पथ पर चलते हुए समृद्धि और यश प्राप्त करने वाले विद्यार्थी ही शिक्षक की सफलता के जीवंत प्रतिमान होते हैं।

राष्ट्रपति ने शिक्षकों से विद्यार्थियों की ऐसी पीढ़ियां तैयार करने का आह्वान किया जिनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण हो और जो ‘‘राष्ट्र सर्वोपरि’’ की भावना से आगे बढ़ें।

भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि मुर्मू का संदेश जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिकों के निर्माण में शिक्षकों के महत्व को रेखांकित करता है।

उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी का शिक्षकों की उस महत्वपूर्ण भूमिका पर शक्तिशाली संदेश, जो केवल सफल व्यक्तियों को ही नहीं, बल्कि जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिकों को भी आकार देने में महत्वपूर्ण है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और युवाओं को सशक्त बनाने के साथ-साथ मूल्यों, ज्ञान और ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना पर आधारित ‘विकसित भारत’ की नींव रख रही है।’’

भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने कहा कि मुर्मू का लेख एक शिक्षिका के रूप में उनके अपने अनुभव तथा उनके जीवन में शिक्षकों और विद्यार्थियों के प्रभाव को दर्शाता है।

ईरानी ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘बहुत कम लोग जानते हैं कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी स्वयं भी शिक्षिका रही हैं। इस शिक्षक दिवस पर उन्होंने एक शिक्षिका के रूप में अपनी व्यक्तिगत यात्रा साझा की और उन शिक्षकों को याद किया, जिन्होंने उन्हें आकार दिया तथा उन विद्यार्थियों का भी स्मरण किया, जिनसे उन्होंने इस दौरान सीखा।’’

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि मुर्मू का लेख एक शिक्षिका के रूप में उनके अपने अनुभवों से प्रेरित है और देशभर के शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त करता है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने देश के गुरुओं को सम्मान दिया है, जिनका कक्षाओं में किया गया मौन समर्पण ऐसे मस्तिष्क तैयार करता है जो देश को सीखने, आगे बढ़ने और नेतृत्व करने में मदद करेंगे।

भाषा अमित सुरेश

सुरेश