वंदे मातरम् के ‘अपमान’ को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर हमला बोला

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वंदे मातरम् के 'अपमान' को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर हमला बोला

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  • Publish Date - August 18, 2026 / 05:10 PM IST,
    Updated On - August 18, 2026 / 05:10 PM IST

नयी दिल्ली, 18 अगस्त (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को कहा कि गोवा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की मौजूदगी वाले एक कार्यक्रम में वंदे मातरम् के केवल दो अंतरे गाए गए और पार्टी ‘‘वोट बैंक की राजनीति’’ के कारण अपनी ही परंपराओं से समझौता कर रही है।

खरगे सोमवार को गोवा के वेरना में बूथ कार्यकर्ताओं के सम्मेलन में शामिल हुए थे, जहां वंदे मातरम् के केवल दो अंतरे गाए गए थे।

भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अगर कांग्रेस राष्ट्रगीत का सम्मान नहीं करना चाहती, तो उसे स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत पर एकाधिकार का दावा करना बंद कर देना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर कांग्रेस पार्टी महान राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के साथ ऐसा कर रही है, तो उसे स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत के संरक्षक होने के एकाधिकार का दावा करना बंद कर देना चाहिए।’’

प्रसाद ने आरोप लगाया कि वंदे मातरम् के केवल दो अंतरे गाने का कांग्रेस का फैसला 1930 के दशक में मुस्लिम लीग के दबाव से जुड़ा है।

उन्होंने राष्ट्रीय गौरव अपमान रोकथाम अधिनियम, 1971 का भी जिक्र किया और कहा कि बाद में इस कानून में संशोधन करके वंदे मातरम् को भी संरक्षण दिया गया।

उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रीय गौरव अपमान रोकथाम अधिनियम 1971 में बनाया गया था जब कांग्रेस सत्ता में थी और इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री थीं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अब इस कानून में संशोधन करके वंदे मातरम् को भी शामिल किया गया है। अगर कोई इसका मजाक उड़ाता या अपमान करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।’’

प्रसाद ने आरोप लगाया कि कांग्रेस वोट बैंक के कारण अपनी ही परंपराओं को छोड़ रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘जब राष्ट्रीय हित के मुद्दे वोट बैंक की राजनीति से टकराते हैं तो कांग्रेस पार्टी पीछे हट जाती है। वह अपनी परंपराओं का भी सम्मान नहीं करती।’’

प्रसाद ने संवाददाता सम्मेलन में मूल संविधान की एक प्रति भी दिखाई और उसमें दिए गए चित्रों का उल्लेख किया।

उन्होंने अयोध्या लौटते भगवान राम, सीता व लक्ष्मण की एक तस्वीर और एक अन्य चित्र दिखाया, जिसमें भगवान कृष्ण गीता का उपदेश अर्जुन को दे रहे हैं।

प्रसाद ने सवाल किया, ‘‘संविधान बनाने वालों ने तय किया था कि मूल संविधान में भारत की संस्कृति और सभ्यता के प्रतीक होने चाहिए। क्या यह धार्मिक आस्था का अपमान है? इसका क्या मतलब है? आप इस देश को कहां ले जाएंगे, श्री खरगे?’’

प्रसाद ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण का जिक्र करते हुए ‘‘दिमागी नक्सल’’ के मुद्दे को लेकर भी कांग्रेस पर हमला बोला।

भाजपा नेता ने कहा कि उनकी पार्टी सरकार की आलोचना करने के विपक्ष के अधिकार का सम्मान करती है, लेकिन देशहित से जुड़े मुद्दों पर समझौता नहीं करेगी।

प्रसाद ने कहा, ‘‘हम रचनात्मक और सार्थक आलोचना का पूरा सम्मान करते हैं। यह लोकतंत्र है और आपको आलोचना करने का अधिकार है। लेकिन अगर आप देश को तोड़ने की कोशिश करने वाली ताकतों के साथ खड़े होते हैं, तो यह गंभीर मुद्दा है।’’

उन्होंने कांग्रेस पर भाजपा के विरोध से आगे बढ़कर राष्ट्रीय प्रतीकों के खिलाफ खड़े होने का आरोप लगाया।

प्रसाद ने कहा, ‘‘ कांग्रेस पार्टी भाजपा के विरोध और मोदी के प्रति नफरत से भी आगे निकल गई है और अब राष्ट्रीय प्रतीकों के खिलाफ खड़ी हो गई है। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।’’

उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं के बीच खुद को ‘‘दिमागी नक्सल’’ कहने की एक ‘‘प्रतियोगिता’’ शुरू हो गई है।

प्रसाद से सवाल किया गया कि क्या वंदे मातरम् पर कांग्रेस का रुख उसके मुस्लिम वोट बैंक के दबाव से जुड़ा है। इस पर उन्होंने पार्टी पर चुनावी फायदे के लिए ‘‘किसी भी हद तक गिरने’’ को तैयार होने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, ‘‘मुस्लिम वोट बैंक के दबाव में कांग्रेस किसी भी हद तक जाने को तैयार है। मैं यह पूरी जिम्मेदारी के साथ कह रहा हूं कि खासकर मुसलमानों को ध्यान में रखते हुए वोट बैंक की राजनीति के लिए कांग्रेस पार्टी किसी भी हद तक गिरने को तैयार है।’’

प्रसाद ने विपक्षी पार्टी को राष्ट्रीय प्रतीकों का विरोध करने के बजाय चुनाव में मोदी को हराने की चुनौती दी।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप इतने उत्सुक हैं तो चुनाव में मोदी को हरा दीजिए… उन्हें हरा दीजिए और हम विपक्ष में बैठ जाएंगे।’’

प्रसाद ने कहा, ‘‘लेकिन जनता आपको हराने वाली है। आप फिर हारेंगे और इस बार और बुरी तरह हारेंगे। इसी निराशा में आप देश के प्रतीकों के खिलाफ खड़े हैं।’’

भाषा जोहेब अविनाश

अविनाश

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