बेंगलुरु, 27 सितंबर (भाषा) कांग्रेस की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बी. के. हरिप्रसाद ने रविवार को कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) निर्वाचन आयोग के साथ मिलकर बिहार में अपनाई गई अपनी चुनावी रणनीति को कर्नाटक में दोहरा नहीं सकता।
उन्होंने मांग की कि निर्वाचन आयोग अपने कामकाज को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब दे।
हरिप्रसाद ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘यदि वे (भाजपा नेता) कहते हैं कि वे बिहार की तरह कर्नाटक में भी जीतेंगे, तो यह बिल्कुल स्पष्ट है कि वे निर्वाचन आयोग को अंपायर बनाकर जीतने की कोशिश करेंगे। लेकिन कर्नाटक में ऐसा संभव नहीं होगा।”
उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाएं अपनी स्वतंत्रता से समझौता कर रही हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को निशाना बनाकर या उनसे माफी की मांग करके भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) निर्वाचन आयोग को लेकर उठ रहे सवालों से लोगों का ध्यान नहीं भटका सकती।
हरिप्रसाद ने कहा, ‘‘वरिष्ठ वकील नानी पालखीवाला ने बहुत पहले कहा था कि जब नागरिकों के वोट की रक्षा करने की जिम्मेदारी वाली संवैधानिक संस्थाएं सरकारी कृपाओं के बदले अपनी स्वतंत्रता से समझौता कर लेती हैं, तो यह खुले तौर पर चलने वाले तानाशाही शासन से भी अधिक खतरनाक होता है। उन्होंने कहा था कि कानून की मुहर की आड़ में वे गणराज्य की हत्या कर रहे हैं। जब हम कहते हैं कि आज यह कथन कितना सच साबित हो गया है, तो भाजपा नाराज हो जाती है।’’
हरिप्रसाद ने चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी द्वारा उठाई गई आपत्तियों का हवाला देते हुए मांग की कि निर्वाचन आयोग उठाए गए मुद्दों पर पारदर्शी तरीके से जवाब दे।
उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘यदि आपमें सच्चाई का सामने करने का साहस है, तो तथ्यों को सामने रखें, आरोपों की जांच करें और यदि रिकॉर्ड साफ है, तो हर सवाल का पारदर्शी जवाब दिया जाना चाहिए।’’
कांग्रेस नेता ने निर्वाचन आयोग की आलोचना करने को लेकर राहुल गांधी से माफी मांगने की मांग करने पर केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर पर निशाना साधा।
हरिप्रसाद ने कहा, ‘‘आप यह कहकर इस मुद्दे को नहीं छिपा सकते कि राहुल गांधी को माफी मांगनी चाहिए। आप शोर-शराबा करके सवालों को नहीं छिपा सकते। एक मुद्दे को उठाकर दूसरे मुद्दे को नहीं छिपाया जा सकता।’’
उन्होंने कहा, ‘‘लोकतंत्र में जब कड़े सवालों का सामना करना पड़े, तो सवाल उठाने वाले व्यक्ति को निशाना बनाना लोकतंत्र नहीं है।’’
हरिप्रसाद ने आरोप लगाया कि भाजपा निर्वाचन आयोग पर लगे आरोपों का जवाब खुद संस्था को देने के बजाय अपने नेताओं के माध्यम से निर्वाचन आयोग का बचाव करने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के हवाले से कही गई बात का उल्लेख किया कि जब निर्वाचन आयोग पर गंभीर आरोप लगाए जाएं, तो उसे खुद अपना बचाव करना चाहिए।
हरिप्रसाद ने कहा, ‘‘इसके बजाय, भाजपा कई प्रवक्ताओं को सामने कर रही है और निर्वाचन आयोग का बचाव करने की कोशिश कर रही है।’’
भाषा
देवेंद्र प्रशांत
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