मुंबई, 27 सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने रविवार को भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के कामकाज की जांच कराने और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की।
चव्हाण ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि कुमार अपने सहयोगियों से विचार-विमर्श किए बिना निर्वाचन आयोग की ओर से फैसले ले रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस मामले की विस्तृत जांच की जरूरत है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि निर्वाचन आयोग के कामकाज को लेकर ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की खबर चौंकाने वाली है।
‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की खबर के बाद निर्वाचन आयोग के कामकाज को लेकर विवाद शुरू हुआ था। खबर में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्तों एस एस संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीने में विभिन्न फैसलों पर कम से कम 14 बार आपत्ति जताई थी।
चव्हाण ने सवाल किया, ‘‘वह किसकी चुनाव जीतने में मदद कर रहे थे?’’
उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर शक्तियों के ‘‘खुले दुरुपयोग’’ का आरोप लगाया।
चव्हाण ने कहा, ‘‘अगर चुनाव में सबकुछ पहले से तय कर लिया जाता है तो लोकतंत्र का कोई अर्थ नहीं रह जाता।’’
शिवसेना (उबाठा) के सांसद संजय राउत ने भी इस मुद्दे को लेकर नरेन्द्र मोदी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि सरकार कुमार को बचाने के लिए एक सूत्री कार्यक्रम चला रही है।
राज्यसभा सांसद राउत ने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त को जाना चाहिए।
राउत ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में दावा किया कि कुमार का इस्तेमाल चुनावी हेरफेर और धोखाधड़ी के जरिए चुनावों में जीत हासिल करने के लिए किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘मोदी सरकार ने एक सूत्री कार्यक्रम शुरू किया है: ज्ञानेश कुमार को बचाओ।’’
राउत ने दावा किया कि ‘‘लोकतंत्र के हत्यारों’’ को बचाने के लिए विस्तृत प्रयास किया जा रहा है।
भाषा जोहेब नरेश
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