अगरतला, छह अप्रैल (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता माणिक सरकार ने सोमवार को दावा किया कि त्रिपुरा में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपने चुनावी वादों को पूरा करने में विफल रही है और उसके शासन में लोकतांत्रिक अधिकार कमजोर हुए हैं।
आगामी धर्मनगर उपचुनाव के लिए एक रैली को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राज्य में भाजपा के सत्ता में आने के बाद से लोग स्वतंत्र रूप से मतदान नहीं कर पाए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने 2018 के विधानसभा चुनावों से पहले अपने विजन दस्तावेज में 293 वादे किए थे।
माकपा नेता ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और कई वरिष्ठ नेताओं ने राज्य में चुनाव प्रचार किया था और विजन दस्तावेज में उल्लिखित सभी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने का वादा किया था। हालांकि, जनता का अनुभव इससे बिल्कुल अलग रहा है।’’
माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य ने उदाहरण देते हुए कहा कि भाजपा ने राज्य के कर्मचारियों के लिए सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने का वादा किया था, जिसे अब तक पूरी तरह लागू नहीं किया गया है।
उन्होंने सवाल किया, ‘‘ भाजपा ने सरकार बनाने के बाद विभिन्न विभागों में 50,000 रिक्त पदों को भरने का वादा भी किया था, लेकिन 2018 में जहां सरकारी कर्मचारियों की संख्या 1.65 लाख थी, वह 2026 में घटकर करीब 1.15 लाख रह गई है। रोजगार कहां हैं? ’’
पूर्व मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के तहत राज्य में “अराजकता जैसी स्थिति” बनी हुई है।
उन्होंने कहा, ‘‘विधानसभा, लोकसभा या स्थानीय निकाय चुनाव हों, मतदाताओं को डराया-धमकाया जा रहा है। इस स्थिति को बदलने के लिए, मैं लोगों से बड़ी संख्या में बाहर आकर वाम मोर्चा के उम्मीदवार अमिताभ दत्ता को वोट देने का आग्रह करता हूं।’’
पिछले साल दिसंबर में विधानसभा अध्यक्ष बिस्वा बंधु सेन के निधन के बाद धर्मनगर सीट पर उपचुनाव कराना जरूरी हो गया था। मतदान नौ अप्रैल को होगा।
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