कोलकाता, 18 अगस्त (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली तीन महीने पुरानी सरकार के कामकाज में कुछ खामियां रही होंगी और उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि आगे जहां भी जरूरत होगी, सरकार सुधारात्मक कदम उठाएगी।
उत्तरी कोलकाता में ‘अन्नपूर्णा योजना’ के तहत हर महीने 3,000 रुपये की आर्थिक मदद पाने वाली महिलाओं द्वारा आयोजित एक धन्यवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा और रोजगार को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि महिलाओं के लिए बनी इस योजना के तहत अकेले उत्तरी कोलकाता से ही 76,817 लाभार्थी महिलाएं आर्थिक मदद पा रही हैं।
अपनी सरकार की अब तक की विभिन्न उपलब्धियों को गिनाते हुए शुभेंदु अधिकारी ने 11 साल की बच्ची से कथित सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले में तुरंत और सख्त कार्रवाई का जिक्र किया तथा आरजी कर अस्पताल बलात्कार एवं हत्या मामले को फिर से खोलने और उसमें हुई गिरफ्तारियों के बारे में बात की।
उन्होंने कहा, ‘‘इस सरकार को अभी सिर्फ तीन महीने हुए हैं। इतने बड़े काम में कुछ कमियां हो सकती हैं।’’ उन्होंने यह भी कहा कि जहां भी जरूरी होगा भाजपा सरकार सुधारात्मक कदम उठाएगी।
अन्नपूर्णा योजना के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार को 31 जुलाई तक सत्यापन प्रक्रिया के दौरान इस योजना के लिए 1.80 करोड़ फॉर्म मिले।
शुभेंदु ने कहा कि अगर किसी को किसी व्यक्ति को मिलने वाले लाभ पर कोई आपत्ति है या जिन आवेदकों को 20 अगस्त तक लाभ नहीं मिला है, वे राज्य सरकार द्वारा शुरू किए जा रहे पोर्टल पर अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वीकृत लाभार्थियों के बैंक खातों में हर महीने दूसरे सप्ताह के भीतर राशि भेज दी जाएगी। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को आश्वासन दिया कि कोई भी पात्र महिला इस योजना के लाभ से वंचित नहीं रहेगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 25 से 60 साल की उम्र की उन महिलाओं को आर्थिक मदद देने का वादा किया था जिनके परिवार के सदस्य स्थायी सरकारी नौकरी में नहीं हैं और जिनकी सालाना आय 12 लाख रुपये या उससे अधिक नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम जून में 28 लाख महिलाओं और जुलाई में 1.21 करोड़ महिलाओं को अन्नपूर्णा योजना के तहत आर्थिक सहायता दे पाए।’’
शुभेंदु ने कहा कि पिछली सरकार की ‘लक्ष्मीर भंडार’ योजना के लाभार्थियों की जांच की गई क्योंकि क्योंकि यह पाया गया था कि महिलाओं के लिए बनाई गई इस योजना का लाभ पुरुष, मृत लोगों के नाम पर और कुछ मामलों में वैसे लोग भी इसका लाभ उठा रहे थे जो भारत के नागरिक नहीं थे।
उन्होंने उत्तरी कोलकाता के 60 वार्ड की महिला लाभार्थियों से एक समूह बनाने को कहा ताकि किसी भी तरह के अत्याचार का सामना कर रही महिला को मदद दी जा सके।
भाषा सुरभि माधव
माधव