कानपुर, 14 जनवरी (भाषा) कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अजय राय ने कानपुर के सचेंडी इलाके में 14 साल की एक लड़की के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म के कथित मामले में मुख्य आरोपी दारोगा को बचाने का आरोप लगाते हुए बुधवार को कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
राय ने पीड़िता के गांव पहुंचकर लड़की के पिता से मुलाकात की और परिवार को न्याय दिलाने की लड़ाई में कांग्रेस और उसके कार्यकर्ताओं की ओर से पूरे समर्थन का आश्वासन दिया।
कांग्रेस नेता ने संवाददाताओं से बातचीत में पुलिस पर मामले के मुख्य आरोपी दारोगा को बचाने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि घटना के बाद आरोपी उपनिरीक्षक को भागने दिया गया।
उन्होंने कहा, “अगर वह पुलिसकर्मी है तो वह कहां जा सकता है? साफ है कि पुलिस खुद उसे बचा रही है।”
राय ने आरोपी दारोगा की तत्काल गिरफ्तारी की भी मांग की और सवाल किया कि उसके खिलाफ ‘बुलडोजर कार्रवाई’ क्यों शुरू नहीं की गई।
उन्होंने कहा, “दूसरे आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाए जा रहे हैं। दारोगा के घर बुलडोजर कब पहुंचेगा?”
राय ने आरोपी दारोगा अमित कुमार मौर्य द्वारा मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग के लिये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पुलिस आयुक्त को लिखे पत्र के बारे में कहा कि इससे पता चलता है कि प्रशासन उसे बचाने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रहा है।
उन्होंने कहा, “आरोपी खुद सफाई दे रहा है और जांच की मांग कर रहा है। इससे पता चलता है कि सरकार और प्रशासन कहां खड़े हैं।”
राय ने आरोप लगाया कि उनके आने से पहले पुलिस जबरदस्ती पीड़िता को उसके घर से ले गई।
उन्होंने कहा, “हमारे आने से पहले लड़की को ले जाया गया। उसे कहीं ले जाकर रखा गया है। सरकार आखिर क्या छुपाने की कोशिश कर रही है?”
इस बीच, पीड़िता के पिता ने संवाददाताओं को बताया कि सुबह करीब नौ बजे कुछ पुलिसकर्मी उनके घर आए और यह कहते हुए उनकी बेटी को ले गए कि अदालत में उसका बयान दर्ज कराना है।
लड़की का भाई भी उसके साथ गया था।
राय ने आरोपी पर इनाम की घोषणा को ‘दिखावा’ बताते हुए कहा कि मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई और जिन पर लोगों की रक्षा का जिम्मा है, वे ही भक्षक बन गये हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि पीड़िता के परिवार के पास बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं, उसके पास ना तो घर है, ना जमीन, ना सड़क, ना बिजली, ना ही शौचालय और यह जमीनी हकीकत है।
राय ने पीड़िता के परिवार के लिए 50 लाख रुपये मुआवजे, परिवार के एक सदस्य के लिए सरकारी नौकरी, एक घर, जमीन का आवंटन और शौचालय सहित बुनियादी सुविधाओं की मांग की।
पुलिस ने घटना के बाद से फरार दारोगा मौर्य की गिरफ्तारी की जानकारी देने वाले को 50 हजार रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की है।
अधिकारियों ने बताया कि उसे ढूंढने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में चार टीमें बनाई गई हैं और गोरखपुर सहित कई जगहों पर छापेमारी की जा रही है।
भाषा सं. सलीम जितेंद्र
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