BJP Announcements West Bengal Election: क्या “मुफ्त के रेवड़ियों” के बल पर बंगाल जीतने की कोशिश में है BJP?.. महिलाओं, युवाओं, स्टूडेंट्स को नकदी बांटने के ऐलान से हर कोई हैरान

BJP Key Announcements West Bengal Election: पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा के नकदी वादों पर बहस तेज, महिलाओं, युवाओं और किसानों के लिए बड़े ऐलान

BJP Announcements West Bengal Election: क्या “मुफ्त के रेवड़ियों” के बल पर बंगाल जीतने की कोशिश में है BJP?.. महिलाओं, युवाओं, स्टूडेंट्स को नकदी बांटने के ऐलान से हर कोई हैरान

BJP Key Announcements West Bengal Election || Image- BJP File

Modified Date: April 22, 2026 / 02:43 pm IST
Published Date: April 22, 2026 2:23 pm IST
HIGHLIGHTS
  • भाजपा ने महिलाओं और युवाओं को नकद सहायता देने का वादा किया
  • फ्रीबीज को लेकर चुनावी रणनीति पर उठे सवाल
  • टीएमसी ने भी बढ़ाए लोकलुभावन वादे और योजनाएं

कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा का चुनाव बेहद रोचक हो चुका है। कल यानी गुरुवार को यहाँ पहले चरण का मतदान संपन्न होगा। (BJP Announcements West Bengal Election 2026) चुनाव आयोग ने वोटिंग की तैयारी पूरी कर ली है। किसी भी तरह की संभावित हिंसा, गड़बड़ी के मद्देनजर इस बार राज्य में बड़े पैमाने पर केंद्रीय बलों को तैनात किया गया है।

थमी रैलियां, कल पहले चरण का मतदान

वहीं राज्य में पहले फेज के मतदान से पहले चुनाव प्रचार थमने के बाद उम्मीदवार और पार्टी के नेता डोर टू डोर जनसम्पर्क में जुटे हुए हैं। टीएमसी के नेता जहाँ भाजपा की वापसी पर राज्य में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार और साम्प्रदायिक घटनाएं बढ़ने की आशंका जता रही है तो दूसरी तरफ भाजपा सीएम ममता बनर्जी पर तुष्टिकरण के आरोप लगा रही है। मतदाताओं नेताओं के वादों और दावों के बीच मौन है, लेकिन सियासी दलों के बीच कटुता साफ दिखाई पड़ रही है।

भाजपा ‘फ्रीबीज’ के भरोसे?

इन सबसे अलग मतदाताओं की नजर राजनीतिक पार्टियों के किये गए लोकलुभावन वादों पर भी है। बात भाजपा के वादों की करें तो उन्होंने वोटरों को लुभाने के लिए नकदी लाभ दिए जाने का ऐलान किया है। भाजपा के घोषणाओं के मुताबिक अगर राज्य में उनकी सरकार बनती है तो हर महिला को ₹3,000 मासिक सहायता मिलेगी। इसी तरह बेरोजगारों को भी ₹3,000 मासिक, युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ₹15,000 की आर्थिक सहायता और स्वरोजगार के लिए ₹10,00,000 की सहायता देने का ऐलान किया है। (BJP Announcements West Bengal Election 2026) गर्भवती महिलाओं को ₹21,000 की आर्थिक सहायता और छह पोषण किट गर्भावस्था के दौरान दी जाएंगी, आंगनवाड़ी, आशा कार्यकर्ताओं और प्राणी मित्र कार्यकर्ताओं के मानदेय को वैज्ञानिक और तर्कसंगत बनाकर अच्छी खासी बढ़ोतरी की जाएगी। गर्भवती महिलाओं को ₹21,000 की आर्थिक सहायता और छह पोषण किट गर्भावस्था के दौरान दी जाएंगी, आंगनवाड़ी, आशा कार्यकर्ताओं और प्राणी मित्र कार्यकर्ताओं के मानदेय को वैज्ञानिक और तर्कसंगत बनाकर अच्छी खासी बढ़ोतरी की जाएगी।

भाजपा ने इससे इतर राज्य के किसानों के लिए भी बड़े वादे किये है। कहा गया है कि, सरकार बनने पर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अंतर्गत राज्य की ओर से ₹3,000 जोड़कर प्रत्येक किसान को हर वर्ष ₹9,000 की वित्तीय सहायता दी जाएगी, प्रत्येक किसान का धान ₹3,100 प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा। इसी तरह आयुष्मान भारत योजना के साथ राज्य की नई योजना को जोड़कर ₹5,00,000 तक और उससे ऊपर भी गंभीर मामलों में हर गरीब व्यक्ति का मुफ्त इलाज सुनिश्चित किया जाएगा। इसी तरह ₹5,00,000 युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रत्येक को ₹10,00,000 की वित्तीय सहायता दी जाएगी, जिसमें ₹5,00,000 अनुदान के रूप में और ₹5,00,000 ब्याज मुक्त ऋण के रूप में होगा, जिससे युवाओं को उद्यमी बनाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी सरकारी कर्मचारियों और वेतनभोगी श्रमिकों को महंगाई भत्ता (डीए) सुनिश्चित किया जाएगा और नई भाजपा सरकार के तहत प्रत्येक कर्मचारी के सम्मान को बनाए रखने के लिए 45 दिनों के भीतर 7वां वेतन आयोग लागू किया जाएगा।

बीजेपी को कई राज्यों में मिल चुका है फायदा

इन घोषणाओं में सरकारी योजनाओं के तहत मिलने वाले लाभ को अलग भी कर दिया जाये तो पार्टी ने युवाओं, महिलाओं, स्टूडेंट्स और किसानों के लिए नकदी हस्तांतरण के जो वादे किये है, इससे सवाल उठने लगे है कि, क्या भाजपा पश्चिम बंगाल में फ्रीबीज के जरिये चुनावी नैय्या पार कराने में जुटी हुई है? (BJP Announcements West Bengal Election 2026) संभवतः भाजपा के ऐसे ऐलान के पीछे उनके पुराने अनुभव है। पार्टी ने इसी तरह के योजनाओं के बल पर छत्तीसगढ़ और राजस्थान में सरकार बनाई थी जबकि एमपी और महाराष्ट्र में वापसी की थी। सवाल यह भी है कि, अगर सरकार बन भी जाती हैं तो क्या राज्य के खजाने से इस तरह की योजनाएं संचालित की जा सकेंगी? बावजूद इसके कि, पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव सुधार के तहत ऐसे ऐलानों पर अपनी चिंताएं जाहिर की थी। अब देखना दिलचस्प होगा कि, भाजपा को ऐसे वादों का कितना लाभ बंगाल में हासिल होता है।

टीएमसी का घोषणापत्र

हालांकि इस तरह के नकदी से जुड़े वादे करने में सत्ताधारी टीएमसी भी पीछे नहीं है। सीएम ममता बनर्जी ने भी कई तरह के लोकलुभावन वादे करते हुए मतदाताओं को रिझाने की कोशिश की है। टीएमसी ने कहा है कि, लक्ष्मी भंडार योजना की राशि में वृद्धि की जाएगी। इसके तहत सामान्य श्रेणी के लिए ₹1,500 हर माह और SC/ST के लिए ₹1,700 हर महीने वित्तीय सहायता दी जाएगी। टीएमसी ने बेरोजगार युवाओं को ₹1,500 प्रति माह और 3 साल में सरकारी विभागों में 1.1 लाख नौकरियों का वादा किया है। टीएमसी की सरकार ने इसी साल के बजट में किसान कल्याण योजना कृषक बंधु योजना का ऐलान किया था। इसके तहत जिन लोगों के पास अपनी खेती की जमीन नहीं है, वे भी अब इस योजना का फायदा ले सकेंगे. उन्हें साल में 4000 रुपये तक की सहायता दी जाएगी। टीएमसी इसे सत्ता में वापसी के बाद लागू करने की तैयारी में है।

पश्चिम बंगाल सरकार के महिला एवं बाल विकास एवं समाज कल्याण विभाग द्वारा 1 अप्रैल 2018 को “रूपाश्री प्रकल्प” योजना शुरू की गई थी। इस योजना के तहत, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को उनकी वयस्क बेटियों की शादी के समय 25,000 रुपये की एकमुश्त वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। ममता बनर्जी इस योजना को भी जारी रखेगी। (BJP Announcements West Bengal Election 2026) इसी तरह की योजना बेरोजगार युवाओं के लिए भी जारी की गई थी जिसे बांग्लार युवा साथी के नाम से भी जाना जाता है। पश्चिम बंगाल सरकार इसके तहत राज्य के बेरोजगार युवाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इस योजना के तहत, पात्र लाभार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से उनके बैंक खातों में प्रति माह 1,500 रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त होती है। यह योजना भी चुनाव के बाद रखने का ऐलान किया गया है।

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