निकाय बोर्ड बनाने के लिए भाजपा कर रही धनबल और सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग: गहलोत

निकाय बोर्ड बनाने के लिए भाजपा कर रही धनबल और सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग: गहलोत

निकाय बोर्ड बनाने के लिए भाजपा कर रही धनबल और सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग: गहलोत
Modified Date: September 17, 2026 / 09:22 pm IST
Published Date: September 17, 2026 9:22 pm IST

जयपुर, 17 सितंबर (भाषा) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि नगरीय निकाय चुनाव के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) बोर्ड बनाने के लिए धनबल और सरकारी मशीनरी का कथित दुरुपयोग कर रही है।

जयपुर में संवाददाता सम्मेलन में गहलोत ने कहा कि स्थानीय निकाय चुनावों में सभी दलों को समान अवसर मिलना चाहिए, लेकिन प्रदेश में पार्षदों को डराया-धमकाया जा रहा है और उन्हें करोड़ों रुपये के प्रलोभन दिए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पुलिस और प्रशासन के जरिए निर्दलीय तथा कांग्रेस पार्षदों पर दबाव बनाया जा रहा है।

गहलोत ने निकाय चुनावों के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि भाजपा को 35.18 प्रतिशत और कांग्रेस को 34.24 प्रतिशत मत मिले, यानी दोनों दलों के बीच मत प्रतिशत का अंतर केवल 0.94 प्रतिशत रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि परिसीमन के कारण मत प्रतिशत और वार्डों में जीत के बीच बड़ा अंतर पैदा हुआ।

उन्होंने जोधपुर का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस और भाजपा को 44-44 वार्ड में जीत मिली, जबकि कांग्रेस को अधिक मत मिले। गहलोत ने जयपुर सहित कुछ अन्य निकायों में भी परिसीमन को लेकर सवाल उठाए।

गहलोत ने आरोप लगाया कि भाजपा बोर्ड बनाने के लिए पार्षदों को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रही है और कुछ स्थानों पर पुलिस कार्रवाई तथा बाड़ेबंदी में हस्तक्षेप के आरोप सामने आए हैं। उन्होंने दावा किया कि खैरथल में निर्वाचित पार्षद विक्रम चौधरी को केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव की मौजूदगी में भाजपा में शामिल कराया गया।

गहलोत ने आरोप लगाया कि पार्षदों को धनबल के जरिए अपने पक्ष में करने की कोशिश लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करेगी। उन्होंने सरकार से सभी दलों को समान अवसर देने और प्रशासनिक मशीनरी के निष्पक्ष इस्तेमाल की मांग की।

भाषा बाकोलिया

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