बेंगलुरु, पांच जून (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता आर. अशोक ने नवगठित कर्नाटक मंत्रिमंडल में विभागों के बंटवारे को लेकर शुक्रवार को कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि मंत्री ‘‘प्रभावशाली’’ मंत्रालय पाने के लिए ‘लॉबिंग’ करते रहे, जबकि वंचित वर्गों के उत्थान से जुड़े कल्याणकारी विभागों में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं दिखी।
अशोक ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि कांग्रेस के मंत्री शपथ लेते समय समाज सुधारकों बसवन्ना और बी. आर. आंबेडकर का नाम लेते हैं, लेकिन विभागों के आवंटन के समय केवल प्रभावशाली मंत्रालयों की मांग करते हैं।
कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता अशोक ने कहा, ‘‘कांग्रेस नेता बसवन्ना और आंबेडकर के नाम पर मंत्री पद की शपथ लेते हैं। लेकिन जब विभागों के बंटवारे की बात आती है तो वे कहते हैं कि मुझे यह विभाग चाहिए, मुझे वह विभाग चाहिए। प्रभावशाली मंत्रालय पाने के लिए लॉबिंग और दबाव बनाते हैं।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि किसी भी मंत्री ने स्वेच्छा से समाज कल्याण और अनुसूचित जनजाति कल्याण जैसे विभाग नहीं मांगे, जबकि उनके अनुसार ये विभाग बसवन्ना और आंबेडकर के आदर्शों को साकार करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण हैं।
भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार के नेतृत्व वाले 13 सदस्यीय मंत्रिमंडल में किसी भी महिला को जगह न दिए जाने की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल में महिलाओं का ‘‘बिल्कुल भी प्रतिनिधित्व नहीं’’ है।
अशोक ने समाजवाद और सामाजिक न्याय को लेकर कांग्रेस के बार-बार किए जाने वाले दावों को ‘‘पाखंड’’ करार देते हुए कहा कि विभागों के आवंटन ने पार्टी का ‘‘असली चेहरा’’ उजागर कर दिया है।
यह टिप्पणी मुख्यमंत्री शिवकुमार द्वारा बृहस्पतिवार देर रात अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के बीच विभागों का बंटवारा किए जाने के बाद आई है। शिवकुमार और 13 मंत्रियों ने दो दिन पहले शपथ ली थी।
भाषा गोला वैभव
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