कोलकाता, 16 मार्च (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर मतदाता सूची संशोधन की आड़ में मतुआ समुदाय को उनके नागरिकता अधिकारों से वंचित करने का प्रयास करने का आरोप लगाया। उन्होंने इसी के साथ मतुआ समुदाय के अधिकारों के लिए लड़ने का संकल्प लिया।
बनर्जी ने मतुआ समुदाय के संस्थापक हरिचंद ठाकुर की जयंती के अवसर पर सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि भाजपा उन लोगों में भय फैला रही है जो पीढ़ियों से इस धरती के बेटे-बेटियां हैं।
उन्होंने कहा, “हरिचंद ठाकुर द्वारा शुरू किया गया संघर्ष लोगों के आत्मसम्मान और मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए था। आज, मुझे यह देखकर दुख होता है कि भाजपा सरकार उस पवित्र संघर्ष को कलंकित करने का प्रयास कर रही है।’’
बनर्जी ने कहा, ‘‘इस देश के सच्चे नागरिकों के अधिकार छीने जा रहे हैं। मैं इस साजिश को कभी स्वीकार नहीं करूंगी।’’
ठाकुर की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘हाते काम, मुखे नाम’ (हाथों से काम करो, भगवान का नाम जपो) के मंत्र के माध्यम से काम और भक्ति को एक साथ जोड़ने की उनकी शिक्षाएं एक शाश्वत मार्गदर्शक बनी रहेंगी।
बनर्जी ने मतुआ समुदाय के कल्याण के लिए अपनी सरकार द्वारा शुरू की गई कई योजनाओं का उल्लेख किया, जिनमें ठाकुरनगर के पास हरिचंद -गुरुचंद विश्वविद्यालय की स्थापना, कृष्णानगर में एक विस्तार परिसर, गायघाट में पीआर ठाकुर राजकीय महाविद्यालय, नए आईटीआई और पॉलिटेक्निक कॉलेज और हाबरा-गायघाट के लिए जलतृप्ति जल परियोजना शामिल हैं।
भाषा धीरज नरेश
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