नयी दिल्ली, 25 मई (भाषा) अफ्रीका के कुछ हिस्सों में इबोला के प्रकोप के मद्देनजर, विमानन नियामक डीजीसीए ने एयरलाइनों से विभिन्न उपायों को लागू करने के लिए कहा है, जिसमें उड़ान के दौरान उद्घोषणाएं करना और प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों से अनिवार्य रूप से स्व-घोषणा प्रपत्र भरवाना शामिल है।
नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने इबोला रोग के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य तैयारियों और प्रतिक्रिया के वास्ते मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है।
युगांडा और कांगो के साथ (प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष) संपर्क रखने वाली एयरलाइनों को यात्रियों को विमान से उतारने से पहले स्व-घोषणा प्रपत्रों को अनिवार्य रूप से भरवाना और एकत्र करना होगा।
एअर इंडिया, इंडिगो, अकासा एयर, एमिरेट्स, एयर फ्रांस, एतिहाद एयरवेज और इजिप्टएयर उन 13 एयरलाइनों में शामिल हैं, जो डीजीसीए द्वारा कांगो से यात्रियों को ले जाने वाली एयरलाइनों की सूची में हैं।
डीजीसीए द्वारा संदर्भित युगांडा से यात्रियों को ले जाने वाली 17 एयरलाइनों की सूची में एअर इंडिया, इंडिगो और केएलएम शामिल हैं।
एयरलाइनों को उड़ान के दौरान यह उद्घोषणा करना भी अनिवार्य किया गया है कि इबोला रोग के वर्तमान खतरे को देखते हुए, बुखार, कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द, गले में खराश, उल्टी, दस्त, चकत्ते, रक्तस्राव जैसे लक्षण वाले किसी भी यात्री को आगमन पर तुरंत चालक दल और आव्रजन/चिकित्सा इकाई को सूचित करना चाहिए।
डीजीसीए द्वारा 22 मई को जारी परामर्श के अनुसार, उड़ान के दौरान की जाने वाली उद्घोषणाओं में, एयरलाइनों को यह भी उल्लेख करना चाहिए कि ‘‘सभी यात्रियों (यात्रियों और चालक दल), चाहे उनकी राष्ट्रीयता कुछ भी हो, को एक स्व-घोषणा प्रपत्र भरना होगा और उसे आव्रजन/निर्दिष्ट काउंटर पर जमा करना होगा।’’
विमान में संदिग्ध मामलों के लिए, डीजीसीए ने कहा कि अन्य उपायों के अलावा, यात्री को विमान के पिछले हिस्से में भेजा जाना चाहिए और यदि संभव हो तो संबंधित यात्री के आगे और बगल की तीन पंक्तियां खाली रखी जानी चाहिए।
एयरलाइनों को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि उनके पास तीन तह वाले मास्क, एक बार उपयोग में लाये जाने वाले दस्ताने, पीपीई किट, सैनिटाइजर के पर्याप्त भंडार हो।
भाषा सुभाष दिलीप
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