नर्स सरला भट हत्याकांड मामले में एसआईए के आरोपपत्र का भाजपा ने स्वागत किया
नर्स सरला भट हत्याकांड मामले में एसआईए के आरोपपत्र का भाजपा ने स्वागत किया
नयी दिल्ली, 30 जून (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जम्मू कश्मीर इकाई ने मंगलवार को 1990 में कश्मीरी पंडित नर्स सरला भट की हत्या के मामले में राज्य अन्वेषण एजेंसी (एसआईए) द्वारा आरोपपत्र दाखिल किए जाने का स्वागत करते हुए कहा कि इससे पीड़ित परिवारों को यह उम्मीद मिली है कि उन्हें अब भी न्याय मिल सकता है।
एसआईए ने वर्ष 1990 में नर्स भट की आतंकवादियों द्वारा अपहरण व नृशंस हत्या करने के मामले में प्रतिबंधित संगठन जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) प्रमुख यासीन मलिक को मुख्य आरोपी बनाया है और 700 से अधिक पृष्ठों का आरोप पत्र दायर किया है।
वर्ष 2024 में मामला सौंपे जाने के बाद इसकी दोबारा जांच शुरू करने वाली एसआईए ने श्रीनगर स्थित नामित राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया। यह आरोपपत्र सरला भट की मौत के लगभग 36 वर्ष बाद दाखिल किया गया है। शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एसकेआईएमएस) सौरा में नर्स के तौर पर काम करने वाली भट का शव श्रीनगर के पुराने शहर क्षेत्र में मिला था।
भाजपा की प्रवक्ता रजनी सेठी ने कहा कि लंबे समय से लंबित मामलों की निष्पक्ष जांच कश्मीरी पंडित समुदाय को न्याय दिलाने की दिशा में स्वागतयोग्य कदम है।
उन्होंने कहा कि आतंकवाद के शुरुआती वर्षों में कई निर्दोष कश्मीरी पंडितों को सुनियोजित ढंग से निशाना बनाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इनमें से कई लोगों को हत्या से पहले सरकार या पुलिस का मुखबिर करार दिया गया था।
भाजपा नेता ने कहा कि इस हिंसा का उद्देश्य ऐसा भय का माहौल पैदा करना था, जिससे कश्मीरी पंडित समुदाय अपने पैतृक घरों को छोड़ने के लिए मजबूर हो जाए। उन्होंने कहा कि अपने परिजनों को खोने वाले अनेक परिवार आज भी न्याय का इंतजार कर रहे हैं।
सेठी ने भट के मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि यह कश्मीरी पंडित समुदाय के लिए सबसे महत्वपूर्ण और पीड़ादायक घटनाओं में से एक है।
उन्होंने कहा, ‘करीब 36 वर्ष पुराने इस मामले में जांच एजेंसियों की हालिया कार्रवाई से पीड़ित परिवारों में यह उम्मीद जगी है कि उन्हें अब भी न्याय मिल सकता है।’
उन्होंने विश्वास जताया कि न्यायिक प्रक्रिया से मामले की सच्चाई सामने आएगी और पीड़ित परिवार को लंबे समय से प्रतीक्षित राहत मिलेगी।
भाषा प्रचेता नरेश
नरेश

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