नयी दिल्ली, छह अगस्त (भाषा) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध भारतीय किसान संघ (बीकेएस) ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने बाढ़ प्रभावित असम के शिवसागर और चराईदेव जिलों में लगभग 5,000 प्रभावित परिवारों की मदद के लिए राहत एवं पुनर्वास अभियान शुरू किया है।
अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया कि असम में बाढ़ से 14 जिले और 1.6 लाख लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि छह और लोगों की मौत के साथ मृतकों की संख्या बढ़कर 95 हो गई है।
बुधवार को छह मौतों की सूचना मिली थी, जिनमें से दो-दो मौतें शिवसागर और विश्वनाथ जिलों से तथा एक-एक मौत गोलाघाट और मोरीगांव में हुई थी।
सबसे ज्यादा प्रभावित शिवसागर में अब तक 50 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि एक अन्य बुरी तरह प्रभावित पड़ोसी जिले चराईदेव में 21 लोगों की जान जा चुकी है।
बीकेएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख राघवेंद्र सिंह पटेल ने कहा कि लखीमपुर, जोरहाट, डिब्रूगढ़, धेमाजी, मोरीगांव, नलबाड़ी और कामरूप जिलों के कार्यकर्ताओं ने प्रभावित परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करने के लिए लगभग 500 बीघा जमीन में रोपाई के लिए धान के बिचड़ा की व्यवस्था की है और प्रभावित पशुओं के लिए चारा भी भेज रहे हैं।
पटेल ने कहा, ‘इस कठिन समय में, भारतीय किसान संघ ने लगभग 5,000 प्रभावित परिवारों को फिर से आत्मनिर्भर बनने में मदद करने के उद्देश्य से एक व्यापक राहत और पुनर्वास अभियान शुरू किया है।’
बीकेएस ने कहा कि उससे जुड़ी तीन ‘किसान उत्पादक कंपनियों’ (एफपीसी) ने असम के मुख्यमंत्री राहत कोष में तीन लाख रुपये का योगदान दिया है।
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