हैदराबाद, 14 जुलाई (भाषा) वियतनाम में नौका हादसे में मारे गए आंध्र प्रदेश के तीन लोगों के शव मंगलवार की सुबह यहां पहुंचे।
मुंबई में जरूरी कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद, हिंदूपुरम के रवि तेजा, कडप्पा जिले के मुडियम श्रीधर और कृष्णा जिले के मछलीपट्टनम की गेल्ली जया लक्ष्मी के शव यहां आरजीआई हवाई अड्डे पर पहुंचे।
ये शव हो ची मिन्ह शहर से वियतनाम एयरलाइंस के विमान से मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर सोमवार रात साढ़े नौ बजे लाए गए थे।
आंध्र प्रदेश के एमएसएमई मंत्री कोंडापल्ली श्रीनिवास हैदराबाद हवाई अड्डे पर मौजूद थे। वे शवों को लाने की व्यवस्था की देखरेख कर रहे थे और शव लेने आए मृतकों के परिवार वालों को सांत्वना दे रहे थे।
उन्होंने कहा, ‘यह बहुत दुखद और दर्दनाक घटना है। इसमें लगभग 16 लोगों की जान गई है, जिनमें से तीन लोग आंध्र प्रदेश से थे। आंध्र प्रदेश के शिक्षा मंत्री नारा लोकेश स्थिति पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं।’
उन्होंने बताया कि लोकेश ने विदेश मंत्रालय और वियतनाम में भारतीय दूतावास के अधिकारियों से बात की है।
श्रीनिवास ने कहा कि आंध्र सरकार ने वियतनाम में तेलुगु संगठन के साथ भी तालमेल बिठाया है।
मंत्री ने कहा कि ‘आंध्र प्रदेश नॉन-रेसिडेंट तेलुगु सोसाइटी’ (एनआरटीएस) विदेशों में मदद की जरूरत वाले लोगों की सहायता करती है, चाहे कोई भी समस्या हो या कोई दुखद घटना घटी हो।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने पर काम कर रही है।
संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों ने पार्थिव शरीर ले जा रही एम्बुलेंसों के साथ आगे की यात्रा के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को तैनात किया है।
वियतनाम के मीडिया की खबरों के अनुसार, शनिवार को हुए स्पीडबोट हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई थी।
मृतकों में 10 तमिलनाडु के, तीन आंध्र प्रदेश के और दो केरल के निवासी थे।
वियतनाम के समाचार पोर्टल ‘वीएन एक्सप्रेस इंटरनेशनल’ के अनुसार, फू क्वोक द्वीप के निकट होन मे रुत नगोई क्षेत्र के पास 32 भारतीय पर्यटकों और चालक दल के चार स्थानीय सदस्यों को लेकर जा रही एक स्पीडबोट पलट गई थी। इस हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई।
इससे पहले, इस हादसे में जीवित बचे आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के 20 पर्यटक वियतनाम से स्वदेश लाए जाने के बाद रविवार देर रात विमान से हैदराबाद पहुंचे थे।
भाषा राखी मनीषा
मनीषा