नयी दिल्ली, 14 जुलाई (भाषा) भारत ने फलस्तीन की संयुक्त राष्ट्र सदस्यता की दावेदारी का समर्थन किया और फलस्तीन तथा इजराइल के बीच लंबे समय से जारी संघर्ष के समाधान के लिए दो-राष्ट्र समाधान के प्रति अपना समर्थन दोहराया है।
विदेश मंत्रालय में सचिव श्रीप्रिया रंगनाथन ने सोमवार को ब्रसेल्स में आयोजित ‘फलस्तीन दाता समूह’ (फलस्तीन डोनर ग्रुप) की मंत्रिस्तरीय बैठक के दौरान फलस्तीन के मुद्दे पर नयी दिल्ली का रुख स्पष्ट किया।
भारत लंबे समय से ऐसे ‘‘दो-राष्ट्र समाधान’’ का समर्थन करता रहा है, जिसमें इजराइल और फलस्तीन मान्यता प्राप्त सीमाओं के भीतर अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप शांति और सुरक्षा के साथ साथ रह सकें।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि फलस्तीन दाता समूह की बैठक में रंगनाथन ने रेखांकित किया कि भारत फलस्तीनी लोगों का लंबे समय से साझेदार रहा है और उसने दो-राष्ट्र समाधान के साथ-साथ फलस्तीन की संयुक्त राष्ट्र सदस्यता के लिए अपना निरंतर समर्थन दोहराया है।
मंत्रालय के अनुसार, रंगनाथन ने फलस्तीनी लोगों के लिए भारत की जारी विकास सहायता, जिसमें क्षमता निर्माण कार्यक्रम और मानवीय सहायता शामिल हैं, का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि भारत की परियोजनाएं मांग आधारित हैं और मुख्य रूप से स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, क्षमता निर्माण तथा व्यावसायिक प्रशिक्षण पर केंद्रित हैं।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि भारत वर्तमान में फलस्तीन में स्वास्थ्य सेवा, महिला सशक्तीकरण और संस्थागत निर्माण से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल है। इसके साथ ही रंगनाथन ने पुनर्वास, स्वास्थ्य, शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण पर केंद्रित कई नई परियोजनाओं की घोषणा भी की।
भाषा मनीषा शोभना
शोभना