बोकारो, आठ अप्रैल (भाषा) झारखंड पुलिस के एक लेखाकार (अकाउंटेंट) ने बोकारो जिले में कोषागार के वेतन वितरण खाते से कथित तौर पर 4.29 करोड़ रुपये निकाल लिये। यह जानकारी बुधवार को एक अधिकारी ने दी।
उपायुक्त अजय नाथ झा के निर्देश पर कोषागार अधिकारी गुलाब चंद ओरांव द्वारा बोकारो स्टील सिटी पुलिस थाने में एक प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद आरोपी कौशल कुमार पांडेय को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया।
बोकारो के पुलिस अधीक्षक (एसपी) हरविंदर सिंह ने बताया कि सबसे पहले यह मामला एक सब-इंस्पेक्टर के वेतन खाते से 3.15 करोड़ रुपये निकाले जाने के संदर्भ में सामने आया।
उन्होंने कहा, ‘मैंने दो पुलिस उपमंडल अधिकारियों को मामले की जांच करने का निर्देश दिया। इसके बाद पांडेय से पूछताछ की गई, लेकिन उसने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि ऐसा कोई पत्र हस्ताक्षरित करके कोषागार को नहीं भेजा गया था।’
एसपी ने बताया कि हालांकि, ई-कुबेर बिल प्रबंधन प्रणाली पर निकासी एवं वितरण अधिकारी (डीडीओ) स्तर पर जांच के बाद पता चला कि जुलाई 2016 में सेवानिवृत्त हुए हवलदार उपेंद्र सिंह के नाम पर वेतन मद के तहत 25 महीनों (नवंबर 2023 से मार्च 2026) में 63 बार धोखाधड़ी से 4.29 करोड़ रुपये निकाले गए।
उन्होंने बताया, “पूछताछ करने पर पांडेय ने स्वीकार किया कि उसने पोर्टल में सेवानिवृत्त हवलदार की जन्मतिथि और खाता संख्या में हेरफेर करके लगातार पैसे निकाले। जिस खाते में राशि स्थानांतरित की जा रही थी, वह उसकी पत्नी अनु पांडेय के नाम पर है।”
एसपी ने बताया कि अकाउंटेंट को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है।
अतिरिक्त कलेक्टर मोहम्मद मुमताज अंसारी ने कहा, “प्रथम दृष्टया यह पाया गया है कि उपेंद्र सिंह के नाम पर वेतन मद के तहत धन की निकासी सामान्य प्रक्रिया के अनुरूप नहीं है और गंभीर अनियमितताओं का संदेह है।”
उपायुक्त अजय नाथ झा ने कहा, ‘मैंने अधिकारियों को उन बैंक खातों के लेनदेन पर रोक लगाने का आदेश दिया है जिनमें धनराशि स्थानांतरित की गई थी। कोषागार कार्यालय में मौजूद दस्तावेजों को जब्त किया जा रहा है।’
भाषा अमित पवनेश
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