बोम्मई ने मानद डॉक्टरेट स्वीकार करने से इनकार किया

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बोम्मई ने मानद डॉक्टरेट स्वीकार करने से इनकार किया

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  • Publish Date - April 6, 2026 / 07:35 PM IST,
    Updated On - April 6, 2026 / 07:35 PM IST

बेंगलुरु, छह अप्रैल (भाषा) भाजपा सांसद और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने हावेरी विश्वविद्यालय से मानद डॉक्टरेट स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि नेताओं या स्वयं की प्रेरणा से समाज सेवा में लगे लोगों को इस तरह के सम्मान देना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में लोगों का प्रेम और विश्वास सबसे बड़ा सम्मान है।

हावेरी से सांसद बोम्मई ने एक बयान में कहा, ‘‘हावेरी विश्वविद्यालय के कुलपति, प्रति-कुलपति, रजिस्ट्रार और सिंडिकेट सदस्यों का मैं दिल से आभार व्यक्त करता हूँ कि उन्होंने मुझे मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित करने का निर्णय लिया।’’

उन्होंने कहा, “लेकिन, मैंने कुलपति को सूचित कर दिया है कि मैं यह सम्मान स्वीकार नहीं करूँगा। चूँकि मैं जनसेवा से जुड़ा हूँ, इसलिए मुझे किसी पुरस्कार की चाहत नहीं है। मेरा मानना ​​है कि लोगों का प्रेम और विश्वास ही सबसे बड़ा सम्मान है। इसलिए, मैं विनम्रतापूर्वक दोहराता हूँ कि मैं यह मानद डॉक्टरेट स्वीकार नहीं करूँगा।”

बोम्मई ने कहा कि मानद डॉक्टरेट उन व्यक्तियों को प्रदान की जानी चाहिए, जिन्होंने किसी विशेष क्षेत्र में लंबे समय तक विशिष्ट और महत्वपूर्ण सेवा प्रदान की हो।

उन्होंने कहा, “यह मेरा निजी विचार है कि राजनीतिक नेताओं या अपनी स्वयं की प्रेरणा से समाज सेवा में लगे लोगों को मानद डॉक्टरेट देना उचित नहीं है। मैं अनुरोध करता हूँ कि इस मामले पर पुनर्विचार किया जाए।”

हाल ही में, कर्नाटक के उच्च शिक्षा मंत्री एम.सी. सुधाकर ने मानद डॉक्टरेट प्रदान किए जाने को विनियमित करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति के गठन का प्रस्ताव रखा था।

राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति थावरचंद गहलोत को लिखे एक पत्र में मंत्री ने ऐसे सम्मान प्रदान करने में मानकों की कमी को रेखांकित किया था।

भाषा

नेत्रपाल अविनाश

अविनाश