तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों ने निर्वाचन आयोग के अधिकारियों से मुलाकात की

तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों ने निर्वाचन आयोग के अधिकारियों से मुलाकात की

तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों ने निर्वाचन आयोग के अधिकारियों से मुलाकात की
Modified Date: September 17, 2026 / 09:55 pm IST
Published Date: September 17, 2026 9:55 pm IST

नयी दिल्ली, 17 सितंबर (भाषा) निर्वाचन आयोग ने बृहस्पतिवार को तृणमूल कांग्रेस के संगठनात्मक नियंत्रण को लेकर पार्टी के ममता बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी गुटों की अलग-अलग सुनवाई की, जिसमें ममता गुट ने किसी भी अंतरिम आदेश का विरोध किया, जबकि ऋतब्रत गुट ने पश्चिम बंगाल में छह अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव से पहले चुनाव चिह्न के संबंध में जल्द निर्णय लेने की मांग की।

बागी गुट — जिसमें पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी, चंद्रिमा भट्टाचार्य, अकरुल ज़मान, अरूप रॉय और एक वकील शामिल हैं — ने आयोग के सभी सदस्यों से मुलाक़ात की तथा अपनी बात रखी।

सुनवाई के बाद ऋतब्रत बनर्जी ने कहा, ‘‘हमने अपना पक्ष रखा और हमसे पूछे गए सवालों के जवाब दिए।’’

उन्होंने कहा कि चुनाव चिह्न का मुद्दा इसलिए अहम हो गया है क्योंकि नंदीग्राम और रेजीनगर में उपचुनाव होने वाले हैं और दोनों गुटों की ओर से उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किये हैं।

इसके बाद, ममता बनर्जी गुट के सदस्य – डेरेक ओब्रायन, कल्याण बनर्जी, महुआ मोइत्रा और सागरिका घोष – ने आयोग के सदस्यों से मुलाकात की।

कल्याण बनर्जी ने कहा कि पार्टी ने किसी भी अंतरिम आदेश का विरोध किया है और उसका कहना है कि ऐसे निर्देश का कोई आधार नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने कहा है कि कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं किया जाना चाहिए। कोई भी आदेश जारी नहीं किया जाना चाहिए।’’

तृणमूल सांसद ने बागी नेताओं के 6 और 19 मई को पार्टी की बैठकों में शामिल होने और 3 जून को लोकसभा अध्यक्ष से मिलने का जिक्र किया, जब उन्होंने दावा किया था कि वे तृणमूल का हिस्सा हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘उस तारीख तक, आपने पार्टी के अस्तित्व को माना था। अचानक, 22 जून को आपने कह दिया कि तृणमूल कांग्रेस है ही नहीं। आप ये दोनों बात कैसे कह सकते हैं।’’

ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि उनके प्रतिनिधिमंडल ने निर्वाचन आयोग से आग्रह किया है कि आगामी उपचुनावों को देखते हुए वह जल्द निर्णय ले।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने आयोग से जल्द फैसला करने का अनुरोध किया है क्योंकि उपचुनाव नजदीक हैं। हम निर्वाचन आयोग का सम्मान करते हैं और उस पर विश्वास करते हैं।’’

भाषा

सुभाष माधव

माधव


लेखक के बारे में