ब्रिक्स सम्मेलन की हुई शुरुआत, प्रधानमंत्री मोदी ने किया वैश्विक नेताओं का स्वागत
ब्रिक्स सम्मेलन की हुई शुरुआत, प्रधानमंत्री मोदी ने किया वैश्विक नेताओं का स्वागत
(फोटो के साथ)
नयी दिल्ली, 12 सितंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग समेत वैश्विक नेताओं का भारत में स्वागत किया, जिसके साथ ही दो दिवसीय ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की शुरुआत हुई।
सम्मेलन का उद्देश्य यूक्रेन और पश्चिम एशिया में जारी युद्धों के वैश्विक असर से विकासशील अर्थव्यवस्थाओं को बचाना है।
नयी दिल्ली में हो रहे इस सम्मेलन में शामिल होने वाले अन्य नेताओं में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो, अबू धाबी के युवराज शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, इथोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी और वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग शामिल हैं।
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस, विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) की महानिदेशक नगोजी ओकोंजो-इवेला, डब्ल्यूएचओ के प्रमुख टेड्रोस अधनोम गेब्रेयसस, न्यू डेवलपमेंट बैंक (एनडीबी) की अध्यक्ष डिल्मा रूसेफ और ‘एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक’ की प्रमुख जोउ जियायी भी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग ले रही हैं।
नयी दिल्ली के भारत मंडपम में यह शिखर सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है, जब वैश्विक अर्थव्यवस्था रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया संकट, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी और ट्रंप प्रशासन की व्यापार एवं शुल्क नीतियों के प्रतिकूल प्रभावों का सामना कर रही है।
मोदी ने शुक्रवार को ब्रिक्स बिजनेस फोरम में कहा था, ”वैश्विक व्यापार तभी आगे बढ़ सकता है, जब समुद्री मार्ग सुरक्षित हों, आपूर्ति मार्ग खुले रहें और नाविक सुरक्षित हों। यही वजह है कि भारत नौवहन की स्वतंत्रता और नाविकों की सुरक्षा का पुरजोर समर्थक है।”
उन्होंने यह बात पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को लेकर भारत की चिंताओं के संकेत के रूप में कही।
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता चार स्तंभों- लचीलापन, नवोन्मेष, सहयोग और स्थिरता- पर केंद्रित है।
अधिकारियों ने बताया कि लचीलेपन से जुड़े स्तंभ के तहत भारत स्वास्थ्य, कृषि, खाद्य, ऊर्जा, आपदा जोखिम में कमी और आपूर्ति श्रृंखला जैसे क्षेत्रों में सामूहिक सहयोग मजबूत करने पर ध्यान दे रहा है।
उन्होंने कहा कि व्यापार, निवेश, संपर्क और उच्च प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना भी शिखर सम्मेलन के एजेंडे में प्रमुखता से शामिल है।
ब्रिक्स में शुरुआत में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल थे। वर्ष 2024 में इसका विस्तार कर इसमें मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब को शामिल किया गया। साल 2025 में इंडोनेशिया भी इसमें शामिल हुआ।
पिछले साल बेलारूस, बोलीविया, कजाकिस्तान, क्यूबा, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम ब्रिक्स के साझेदार देश बने।
ब्रिक्स दुनिया की 11 प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं को एक मंच पर लाने वाला प्रभावशाली समूह बनकर उभरा है। इसके सदस्य देश वैश्विक आबादी के करीब 49.5 प्रतिशत, वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के लगभग 40 प्रतिशत और विश्व व्यापार के करीब 26 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करते हैं।
भाषा जोहेब दिलीप
दिलीप

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