बंगाल में फर्जी चिकित्सक के रूप में काम करने वाले पांच लोगों के खिलाफ जांच शुरू

बंगाल में फर्जी चिकित्सक के रूप में काम करने वाले पांच लोगों के खिलाफ जांच शुरू

बंगाल में फर्जी चिकित्सक के रूप में काम करने वाले पांच लोगों के खिलाफ जांच शुरू
Modified Date: September 12, 2026 / 03:33 pm IST
Published Date: September 12, 2026 3:33 pm IST

कोलकाता, 12 सितंबर (भाषा) पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य विभाग ने बिहार से प्राप्त फर्जी डिग्री के आधार पर राज्य में चिकित्सक के रूप में काम करने वाले पांच लोगों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।

एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट हॉस्पिटल्स एंड नर्सिंग होम्स (एपीएचएन) ने शिकायत की है कि इन पांचों आरोपियों से इलाज कराने वाले कई मरीजों की मौत हो चुकी है।

आरोपियों में से दो उत्तर 24 परगना और तीन दक्षिण 24 परगना में काम कर रहे थे।

एसोसिएशन के सचिव राजीब पांडे ने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं जैसे ‘स्वास्थ्य साथी’ का भी गलत इस्तेमाल किए जाने की आशंका है।

एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि इन लोगों ने बिहार से प्राप्त फर्जी मेडिकल डिग्री और दस्तावेजों के आधार पर खुद को पश्चिम बंगाल मेडिकल काउंसिल (डब्ल्यूबीएमसी) में पंजीकृत कराया।

पांडे ने कहा कि यह मामला उस समय एसोसिएशन के संज्ञान में आया, जब वह अलग-अलग जिलों में समितियां बना रहा था।

पांडे ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘हमें ऐसे 10 से अधिक लोगों के बारे में जानकारी मिली। हमने दस्तावेजी सबूत जुटाए, जिनसे पता चलता है कि इन लोगों ने फर्जी डिग्री के आधार पर पंजीकरण नंबर हासिल किए और ये दस्तावेज हमने स्वास्थ्य विभाग तथा डब्ल्यूबीएमसी को सौंपे। हमने स्वास्थ्य मंत्री को भी पत्र लिखा है।’

स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शिकायत मिलने की पुष्टि की।

अधिकारी ने कहा, ‘पूरे मामले की जांच की जा रही है।’

भाषा जोहेब पवनेश

पवनेश


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